प्रशासन के बाद अब फायर डिपार्टमेंट ने भी व्यापारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर निगम के फायर डिपार्टमेंट ने सेक्टर-17 प्लाजा के 150 से ज्यादा व्यापारियों को नोटिस भेजा है। इनमें वे व्यापारी शामिल हैं, जिनकी दुकानों में अग्निशमन के यंत्र के पुख्ता इंतजाम नहीं है या फिर जिन दुकानों में फायर वायलेशन के कारण अग्निकांड की स्थिति में बाहर निकलने की कोई विशेष व्यवस्था नहीं है।
दरअसल, पिछले साल नाइलिट की इमारत में आग लगने से पूरी इमारत गिर गई थी। इसके बाद फायर डिपार्टमेंट ने पूरे सेक्टर-17 का सर्वे कर नियमों की अनदेखी करने वालों को नोटिस भेजा है। जिन इमारतों को यह नोटिस भेजा गया है, उनमें वे भी शामिल हैं, जिन्होंने बेसमेंट में पेट्रोलियम और ज्वलनशील पदार्थ भी रखे हैं। अब ऐसे व्यापारियों को दो माह के अंदर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और वायलेशन दूर करने की हिदायत दी गई है।
इन पर लग चुका है जुर्माना
इससे पहले प्रशासन के संपदा विभाग की ओर से सेक्टर-17 के करीब 80 प्रतिशत व्यापारियों को बिल्डिंग वायलेशन का नोटिस भेजा जा चुका है। वहीं, हाल में ही सेक्टर-26 मंडी के भी करीब 24 व्यापारियों को इसी तरह का नोटिस भेजा गया था। इन सभी व्यापारियों पर 500 रुपये स्क्वायर फुट के हिसाब से जुर्माना भी लगाया गया है।
आरोप : नियम मानने वालों को भी नोटिस भेजा
सेक्टर-17 की ट्रेडर्स एसोसिएशन के महासचिव जेपीएस कालरा का आरोप है कि फायर डिपार्टमेंट की ओर से उन व्यापारियों को भी नोटिस भेजा गया है, जो सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। बाजार की जो पेड पार्किंग है, वहां गाड़ियां इस तरह पार्क रहती हैं कि आपातकालीन स्थिति में दमकल विभाग की गाड़ियां भी नहीं पहुंच पाएगी। इसके बावजूद नगर निगम पेड पार्किंग की व्यवस्था सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है।
व्यापारियों पर दोहरी मार: व्यापार मंडल
व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह का कहना है कि प्रशासन की ओर से आ रहे वायलेशन के नोटिस से व्यापारी पहले ही परेशान हैं। अब फायर डिपार्टमेंट की ओर से व्यापारियों को तंग किया जा रहा है।
यह खासियत है सेक्टर-17 की
सेक्टर-17 को सिटी का हार्ट भी कहा जाता है। यहां कई ब्रांडेड शोरूम हैं, जहां देश-प्रदेश के लोगों की भीड़ लगी रहती है। पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां करीब पौने चार करोड़ रुपये का मल्टी लेजर शो भी लगा है, जिसे देखने के लिए शाम को सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटती है।