चंडीगढ़ लॉन टेनिस अकादमी (सीएलटीए) में ट्रेनिंग ले रही एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के मामले में जिला अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस को नोटिस जारी जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई वीरवार को जिला अदालत में हुई। बता दें कि पीड़ित नाबालिग के पिता ने मामले में आरोपियों का बचाव करने पर पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता समेत 16 अधिकारियों के खिलाफ याचिका दायर की है।
नाबालिग टेनिस खिलाड़ी के पिता ने सीएलटीए के अधिकारियों के खिलाफ याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि सीएलटीए में कुछ लड़कों ने उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की। शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। पिता ने आरोप लगाया कि सभी अधिकारी आरोपियों को बचाने में लगे हैं।
इसलिए सभी अधिकारियों पर पॉक्सो अधिनियम की धारा 17, 18, 19 और 21 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। जिन अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की गई है, उनमें सीएलटीए के अध्यक्ष विश्वजीत खन्ना और पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता समेत 16 अधिकारी शामिल हैं। मामला जब हुआ तब दिनकर गुप्ता सीएलटीए के कोषाध्यक्ष थे। अब मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
याचिकाकर्ता ने इन अफसरों पर केस दर्ज करने की मांग की
पीड़ित नाबालिग लड़की के पिता ने अपनी याचिका में सीएलटीए के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर मेघराज, चीफ कोच रोमन सिंह, सेक्टर-3 थाने के पूर्व एसएचओ नीरज सरना, चंडीगढ़ अकादमी ऑफ रूरल टेनिस के चेयरमैन राजन कश्यप, सीएलटीए के पूर्व प्रेसिडेंट जय सिंह गिल, पूर्व सेक्रेटरी डॉ. जसजीत सिंह, पूर्व ट्रेजरर व डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता, सीएलटीए की जांच अफसर डॉ. निरुपा मरवाहा, हॉस्टल वार्डन अंजू सिंह, ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन की प्रेसिडेंट प्रवीण महाजन, सेक्रेटरी हिरॉनमॉय चटर्जी, सीएलटीए के मौजूदा प्रेसिडेंट व पंजाब के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विश्वजीत खन्ना, सेक्रेटरी व हरियाणा के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सुधीर राजपाल व ट्रेजरर गुरकिरत किरपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।
कहा- अफसरों के चलते बेटी ने खेलना छोड़ दिया
मामला 17 अगस्त 2019 का है। पीड़ित के पिता ने पांच लड़कों के अलावा सीएलटीए के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर मेघराज, रोमन सिंह और पूर्व प्रेसिडेंट जय सिंह गिल (पूर्व चीफ सेक्रेटरी पंजाब) के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने केवल लड़कों के खिलाफ केस दर्ज किया। इस पर उन्होंने आरोप लगाया कि सीएलटीए के अफसरों के दबाव में पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया।
काफी समय के बाद पांचों लड़कों को गिरफ्तार कर लिया गया और सभी को जुवेनाइल कोर्ट से जमानत मिल गई। पिता ने आरोपियों के सर्टिफिकेट फर्जी बताते हुए सभी आरोपियों की जमानत रद्द किए जाने के लिए जुवेनाइल कोर्ट में याचिका भी दायर की है। उनका कहना है कि सभी आरोपी नाबालिग नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सीएलटीई के अफसरों के कारण उनकी बेटी ने खेलना तक छोड़ दिया। उनकी बेटी ऑल इंडिया रैंकिंग में सबसे बेहतर थी लेकिन अफसरों के कारण उसका भविष्य खराब हो गया।
लड़की के पिता पर दर्ज हुआ था मारपीट का केस
वारदात के बाद मामला इस कदर बिगड़ गया था कि मारपीट शुरू हो गई। मामले में एक नाबालिग लड़के के परिजनों ने पीड़िता के पिता पर मारपीट का आरोप भी लगाया था। पुलिस को दी शिकायत में लड़के के परिजनों ने बताया था कि पीड़िता के पिता ने नाबालिग युवक के साथ मारपीट की है। इसके बाद सेक्टर-3 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर पीड़िता के पिता के खिलाफ मारपीट व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।