एक तरफ जहां पंचकूला के लोग नोटबंदी से परेशान है, वहीं राशन वितरण प्रणाली को ऑनलाइन सिस्टम की तकनिकी खराबी ने लोगों की मुश्किले और बढ़ा दी हैं। आलम ये है कि पंचकूला के साठ फीसदी डिपो पर लोगों को पंद्रह दिनों से राशन नहीं मिल पा रहा है।
क्योंकि इन डिपो के प्वायंटऑफ सेल्स (पोओएस) मशीनों के सर्वर डाउन रहते हैं, नतीजतन घंटों कतार में खड़े होने के बाद भी सैकड़ों की संख्या में कार्डधारक बैरंग लौट रहे हैं। इस मामले की जांच अमर उजाला ने की तो पाया कि पंचकूला की इंदिरा कालोनी स्थित डिपो में सर्वर डाउन होने से पंद्रह दिन में सिर्फ पांच लोगों को राशन मिल पाया है।
डिपो पर राशन के लिए पहुंचे करीब सौ से ज्यादा लोगों कहना है कि वह लगातार पंद्रह दिन से डिपो पर राशन के लिए घंटों कतार में लगते हैं। बावजूद इसके उन्हें बिना राशन के घर लौटना पड़ता है। वहीं इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की मानें तो ऑनलाइन प्रक्रिया को पूरी तरह दुरुस्त होने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।
इस खराबी के कारण बीपीएल, एपीएल कार्ड धारक मजबूरन बाहर से खाद्य उत्पादों की खरीदारी कर रहे हैं। इससे उन पर आर्थिक बोझ और बढ़ने के साथ साथ घंटों कतार में लगने से वक्त भी बर्बाद भी हो रहा है।
81 पीओएस मशीनों लगाई हैं
पंचकूला की कुल 145 में से 81 पीओएस मशीनों के जरिये कुछ डिपो पर कार्ड धारकों को राशन वितरित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने एक नवंबर से प्रदेश में राशन वितरण प्रणाली को ऑनलाइन किया है। लेकिन अब तक इसे लागू करने में पीओएस की नाकाम होने से सैकड़ों राशन कार्डधारकों की परेशानी बनी हुई हैं।
पीओएस मशीनों का सर्वर डाउन होने से पंद्रह दिन में सिर्फ पांच लोगों को राशन मिल सका है। इन मशीनों की जांच के लिए कुछ एक्सपर्ट आए थे, जांच के बाद उन्होंने बताया कि मशीन में कोई खराबी नहीं है, ये सर्वर की समस्या है।-मोहम्मद शाकिर, डिपो होल्डर इंदिरा कालोनी पंचकूला।
पीओएस मशीनों में आई तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए कंपनी को निर्देश दिए गए हैं। सात दिनों के अंदर इसे ठीक कर लिया जाएगा। इसके बाद कार्ड धारकों को सभी डिपो पर आसानी से राशन मुहैया किए जाएंगे। -डीएफएससी, पंचकूला