इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक साल से बस सर्विस शुरू करने के दावे किए जा रहे हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। विमानन कंपनियों की ओर से एयरपोर्ट पर यह सर्विस अनिवार्य होती है, लेकिन यहां पर बस सर्विस शुरू कराने को लेकर एयरपोर्ट अधिकारी ढीला रवैया बरत रहे हैं। बस सर्विस एयरपोर्ट पर कब शुरू होगी, यह एक पहली सी बन गई है।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने में 1400 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं अब तक नहीं मिल पाई हैं। इसका मुख्य कारण इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों की उदासीनता है। विमानन कंपनियों की ओर से उड़ाने बढ़ाने की अनुमति दे दी जाती है, लेकिन बस सर्विस शुरू नहीं की गई है। इस हवाईअड्डे से छह विमानन कंपनियां फ्लाइट ऑपरेट कर रही हैं।
वह यात्रियों को रनवे पर ही उतारती हैं। जबकि दिल्ली और मुंबई दोनों एयरपोर्ट पर यात्रियों को बस से फ्लाइट तक ले जाया जाता है। लेकिन चंडीगढ़ में यात्रियों की सुविधा को विमानन कंपनी अनदेखी कर रही है, अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हैं। वहीं एयरपोर्ट पर कनवेयर बेल्ट छोटी होने के कारण लोगों के बडे़ बैग मिलने में काफी समय लगता है। विमानन कंपनियों की ओर से यात्रियों से बस किराए के पैसे भी वसूले जाते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलने से यात्री परेशान होते हैं।
सुनील दत्त, सीईओ, इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने बताया कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानन कंपनियों की ओर से जल्द ही इस सर्विस को शुरू करवाया जाएगा। इसकेे लिए जल्द ही पत्र लिखा जाएगा। जो भी विमानन कंपनी इसमें कोताही करेगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी।