सतलोक आश्रम में पकड़े गए 909 लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है। आजादी के बाद शायद यह देश का पहला सबसे बड़ा मामला होगा जो एक साथ इतने लोगों पर दर्ज हुआ है।
हैरानी की बात यह है कि हिसार कोर्ट की निचली अदालत में चल रहे इस मामले में जिले का कोई भी वकील मुकदमा लड़ने को तैयार नहीं है। अब दूसरे जिलों के वकीलों से ही इन आरोपियों को उम्मीदें हैं। बताया जा रहा है कि यह वकील एक-एक मुकदमे की दो से तीन लाख रुपये फीस की मांग कर रहे हैं।
हिसार बार एसोसिएशन ने इस बारे में कड़ा निर्णय किया है कि यदि कोई वकील रामपाल के अनुयायियों को मुकदमा लड़ेगा तो उसकी सदस्यता रद करवा दी जाएगी। गौरतलब है कि रामपाल के अनुयायियों ने जुलाई-2014 में सुनवाई के दौरान हिसार कोर्ट के वकीलों के साथ मारपीट की थी, इसी कारण वकील नाराज हैं।
मुंह मांगी मिल रही है फीस
हिसार बार एसोसिएशन में करीब 17 सौ सदस्य है और 12 सरकारी वकील हैं। सरकारी वकीलों को छोड़कर कोई इनका केस लड़ने को तैयार नहीं है। असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी राजेश चौधरी ने बताया कि आरोपियों ने जोधपुर, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद व अन्य जिलों और यहां तक की दूसरे प्रांतों के वकीलों से संपर्क साधा है उन वकीलों ने इसके लिए भारी फीस की मांग की है।