हरियाणा के वित्त विभाग ने सभी विभागों, बोर्डों और निगमों के लिए उनकी सभी अदायगियां चेक की बजाय रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (आरटीजीएस) के माध्यम से करने का फैसला किया है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्णय संबंधित कर्मचारियों की ओर से धन के गबन की रोकथाम में सहायता करेगा। अब कोई भी पेमेंट चेक के माध्यम से नहीं की जाएगी।
विभागों, बोर्डों और निगमों की ओर से विभिन्न सेवाओं के लिए चेक, इलेक्टॉनिक फंड ट्रांसफर और आरटीजीएस के माध्यम से संग्रहण या 1000 रुपये से अधिक की अदायगियों की प्राप्ति के लिए प्रणाली बनाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही जनसाधारण को उसके कार्य के लिए अदायगी में किसी तरह की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि 1000 रुपये से नीचे की सेवाओं के लिए लोगों को नकद अदायगियां करनी जारी रहेंगी।
प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा विधानसभा की लोक लेखा समिति की ओर से सरकारी कोष को सरकारी खातों से बाहर रखने को गंभीरता लेते हुए निर्णय लिया है कि विभागों द्वारा संचालित सभी बैंक खातों को तुरंत बंद कर दिया जाए। इसके अलावा वे राज्य खजानों के बैंकों में लंबित राशि को जमा करवाने के लिए पर्सनल लेजर अकाउंट (पीएलए) खोलेंगे।