पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से करवाई जा रही ऑनलाइन पढ़ाई पर पीयूसीएससी अध्यक्ष चेतन चौधरी ने बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि 25 फीसदी विद्यार्थी इस पढ़ाई से वंचित हैं। उन तक नेट आदि की सुविधा नहीं है। ऐसे में वह कैसे पढ़ेंगे और उनके एग्जाम भी पीयू 15 दिन में कराने की योजना बना रहा है, जो गलत है। यह बातें चेतन चौधरी ने उपराष्ट्रपति को मंगलवार को भेजे पत्र में कही हैं। उन्होंने कहा है कि इसकी ग्राउंड रिपोर्ट करवाएं। सभी हकीकत सामने आ जाएगी।
पीयूसीएससी अध्यक्ष चेतन चौधरी ने चिट्ठी में लिखा है कि आपकी ओर से सोमवार को की गई वीडियो कांफ्रेंसिंग में सब कुछ पीयू में अच्छा बताया गया। हर विद्यार्थी की पढ़ाई ऑनलाइन बेहतर होना बताई गई। यहां तक की एग्जाम भी 15 दिन में करवाने का वायदा किया गया जबकि हकीकत अलग है। पीयू के कई शिक्षकों ने तो ऑनलाइन पढ़ाई तक शुरू नहीं करवाई है। कुछ ने शुरू की है तो वह हर विद्यार्थी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। गांवों में विद्यार्थियों के पास नेट की सुविधा तक नहीं हैं।
वह एक तो लॉकडाउन के कारण तनाव में हैं और दूसरी बाधा पीयू ने उनके सामने खड़ी कर दी है। क्योंकि कुछ स्टूडेंट्स ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं, लेकिन कक्षा में वह नहीं पहुंच पा रहे हैं तो उन्हें पढ़ाई की चिंता सता रही है। अध्यक्ष ने उप राष्ट्रपति से कहा है कि पीयू से इस मामले में समुचित रिपोर्ट मांगी जाए। साथ ही विद्यार्थियों के एग्जाम 15 दिन में खत्म न किए जाएं। इस प्लान से विद्यार्थियों को नुकसान ही नुकसान होगा। इस प्रकरण में आप दखल दें और निर्णय लें।