सिविल सर्जन डॉ. वीके बंसल ने बताया कि कई बार अज्ञानता के कारण गर्भवती महिलाएं खुद या परिवार के दबाव में बच्चे के लिंग परिवर्तन और सिर्फ लड़का ही पैदा हो इसके लिए जड़ी-बूटियां या अन्य दवाओं का सेवन कर लेती हैं।
इन दवाओं से लड़का होना तो संभव नहीं है बल्कि इनके सेवन से गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो सकता है।
सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के भ्रामक बातों में न आएं, इससे गर्भ में बच्चे को कई और तरह के रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। इन दवाओं से बच्चे को दिल में छेद या कटे होंठ सहित अन्य मानसिक क्षमताओं में कमी हो सकती है। इन दवाओं के सेवन से गर्भ में बच्चे की मौत की दर भी ढाई गुणा बढ़ जाती है।
इस बारे में अपील करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति ऐसी दवा देने का दावा करता है तो इस संबंध में इसकी सूचना मिलती है तो वह सेक्टर-छह स्थित सामान्य अस्पताल में सिविल सर्जन के कार्यालय में कमरा नंबर-235 व 236 में सूचना दे सकता है। ऐसी सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और दोषी व्यक्ति पर उचित कार्रवाई की जाएगी।