कोरोना वैक्सीन को अधिग्रहित करने के लिए कई राज्यों ने वैश्विक निविदा जारी की थी। खास बात यह है कि इनमें से किसी भी राज्य की निविदा सफल नहीं हुई है। पंजाब को तो कंपनियों ने सीधे तौर पर सप्लाई देने से ही इनकार कर दिया था। राजस्थान में वैश्विक निविदा में कंपनियों ने अधिक रेट मांगे थे। उत्तर प्रदेश चार करोड़ डोज के लिए लगातार टेंडर की तिथि बढ़ा रहा है। महाराष्ट्र, उड़ीसा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश ने वैश्विक निविदा जारी की थी लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली।
टीकाकरण के लिए युवाओं का बढ़ता इंतजार
वैश्विक निविदा फेल होने के बाद अब प्रदेश के 18 से 44 साल के युवाओं को टीकाकरण के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। इस समय प्रदेश के हालात ये हैं कि युवाओं का पंजीकरण तो हो रहा है लेकिन टीकाकरण के लिए स्लॉट नहीं मिल रहा है। सरकार की तरफ से एक माह से अधिक हो गया केंद्र को 250 करोड़ रुपये की 50 लाख डोज के लिए आर्डर दिया था लेकिन इसके मुकाबले कम डोज मिल रही हैं।