पटियाला में जुडीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास निधि सैनी की अदालत ने सोमवार को लुधियाना के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। अदालत ने छह मार्च या इससे पहले बैंस को पेश करने के आदेश जारी किए हैं।
दरअसल बैंस के खिलाफ पटियाला देहात हलके से विधायक व कैबिनेट मंत्री ब्रह्म महिंदरा ने साल 2018 में उस समय मानहानि का केस दायर किया गया था, जब बैंस ने कैबिनेट मंत्री के खिलाफ बयान देते हुए उन पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए थे, जिन्हें महिंदरा ने झूठा व बेबुनियाद करार दिया था।
ब्रह्म महिंदरा के वकील गुरप्रीत सिंह भसीन ने बताया कि बैंस ने आरोप लगाया था कि ब्रह्म महिंदरा साल 2018 में सेहत मंत्री थे, वह पंजाब के नशा छुड़ाओ केंद्रों पर अपनी फैक्ट्री से दवाएं खरीदने का दबाब बना रहे हैं।
ब्रहम महिंदरा ने इन आरोपों को तथ्यहीन, झूठा बताते हुए पटियाला की अदालत में बैंस के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था। केस की सुनवाई के दौरान ड्रग्स डिपार्टमेंट का संबंधित सारा रिकॉर्ड पेश किया कि केंद्रों ने कोई भी दवा मंत्री के कहने पर कहीं से नहीं खरीदी।
सुनवाई के दौरान मंत्री की तरफ से 22 गवाहों के बयान दर्ज हुए। कोर्ट ने केस की सुनवाई के दौरान बैंस को पेश होने के लिए बार-बार समन जारी किए, लेकिन वह नहीं आए। करीब सात बार कोर्ट की तरफ से बैंस के खिलाफ जमानती वारंट भी जारी हुए। फिर भी वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
इस पर सोमवार को अदालत ने बैंस के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। वकील गुरप्रीत सिंह भसीन ने बताया कि गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अब या पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करेगी या फिर बैंस खुद पेश होकर जमानत के लिए अप्लाई कर सकते हैं।