भारतीय कबड्डी फेडरेशन व खेल मंत्रालय की अनुमति के बिना पाकिस्तान में तथाकथित वर्ल्ड कबड्डी कप खेलने गए कबड्डी खिलाड़ी सोमवार को दोपहर बाद अटारी सड़क सीमा के रास्ते वतन लौट आए। फाइनल मैच में पाकिस्तान से हारकर लौटे कबड्डी खिलाड़ियों के साथ गए प्रमोटर दविंदर सिंह बाजवा ने दावा किया कि वह श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित कबड्डी टूर्नामेंट में भाग लेने गए थे। जबकि लाहौर सहित कई बड़े शहरों में लगे होर्डिंग में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित कबड्डी टूर्नामेंट की जानकारी नहीं है।
अटारी सड़क सीमा पर मीडिया ने प्रमोटर दविंदर सिंह बाजवा से पूछा कि वह किसकी अनुमति से कबड्डी टीम पाकिस्तान लेकर गए थे तो उन्होंने कहा कि वह बाकायदा वीजा लेकर पाकिस्तान गए थे। एक जवाब में उन्होंने कहा कि अब तक भारतीय कबड्डी संघ और खेल मंत्रालय ने उनसे इस संदर्भ में कोई भी संपर्क स्थापित नहीं किया है। जब भी उन्हें इस बाबत बुलाया जायेगा वह जवाब देंगे। कई कबड्डी क्लबों के खिलाड़ी पाकिस्तान गए थे। कुछ खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड व अन्य देशों में कबड्डी खेलते हैं।
वह अलग से पाकिस्तान गए थे। यदि इतने वबाल का आशंका होती तो देश छोड़कर नहीं जाते। सभी खिलाड़ी अपने-अपने तौर पर पाकिस्तान गए थे। सभी पंजाब के अलग-अलग कबड्डी फेडरेशन के साथ जुड़े हैं। भारतीय कबड्डी फेडरेशन से इसलिए अनुमति नहीं ली गई, क्योंकि सभी खिलाड़ी अपने स्तर पर पाकिस्तान गए। इसके अलावा बाजवा कई प्रश्नों के उत्तर टाल गए।
बता दें कि इस कबड्डी टीम के पाकिस्तान जाने को लेकर बड़ा बवाल मचा था। खेल मंत्री किरण रिजिजू ने कहा था कि वह इस मामले को लेकर गंभीर हैं। वापसी पर इन खिलाड़ियों से पूछताछ की जाएगी। जब ये खिलाड़ी वापस लौटे तो किसी भी सुरक्षा एजेंसी ने उनसे कोई भी पूछताछ नहीं की।