खेल मंत्रालय ने खेल रत्न के लिए भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का आवेदन खारिज कर दिया है। पंजाब सरकार के खेल विभाग की तरफ से हरभजन सिंह का नाम राजीव गांधी खेल रत्न के लिए भेजा गया था। भज्जी ने अपने नाम के रिजेक्ट होने पर सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर सवाल उठाए हैं।
हरभजन सिंह ने यू ट्यूब पर वीडियो जारी करके कहा कि उन्होंने 20 मार्च को ही सभी दस्तावेजों के साथ अपनी अर्जी पंजाब सरकार को भेज दी थी, फिर भी ये अर्जी रिजेक्ट हो गई। कहा जा रहा है कि देरी से एप्लीकेशन भेजे जाने की वजह से ऐसा हुआ है। ऐसे में पंजाब सरकार इसकी जांच करवाए कि इस अर्जी को भेजे जाने में कहां देरी हुई है, क्योंकि मैंने तो समय पर अपना आवेदन भेजा था।
पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि पंजाब के खेल मंत्रालय ने हरभजन सिंह का नाम खेल रत्न पुरस्कार के लिए भेजा था लेकिन केंद्र ने उसे रिजेक्ट किया है। राणा गुरमीत ने कहा, आखिर क्यों इसे रिजेक्ट किया गया है हम उसका पता करेंगे कि आखिर कहां पर चूक हुई है? अगर केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि फाइल लेट भेजी गई तो मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा, हमने समय रहते ही फाइल भेजी होगी।
मंत्री ने कहा कि कई बार खिलाड़ियों की नींद भी देरी से खुलती है। हम देखेंगे कि आखिर गलती कहां हुई अगर किसी अधिकारी की गलती है तो उसे भी देखा जाएगा और जांच की जाएगी।
भज्जी का दर्द वीडियो में साफ छलकता दिखता है, उनका कहना है कि खेल रत्न मिलना कितने सौभाग्य की बात होती है और उन्हें यकीन था कि इस बार खेल रत्न उन्हें जरूर मिलेगा लेकिन पंजाब सरकार ने उनकी फाइल को ही समय सीमा खत्म होने के बाद केंद्र सरकार को भेजा था, जिस कारण उनका नाम रिजेक्ट कर दिया गया।