चंडीगढ़ में इस साल गरमी के मौसम में पानी की किल्लत नहीं होगी। यही नहीं, मोहाली को मिलने वाला पानी भी चंडीगढ़ को ही मिलेगा। क्योंकि मोहाली ने अभी तक अपने हिस्से का पानी लेने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है। ऐसे में चंडीगढ़ को फिलहाल 34 एमजीडी पानी मिलेगा। नियम के अनुसार दो फेज में चंडीगढ़ के पानी का हिस्सा 29 एमजीडी का है। बीते सोमवार 1 अप्रैल को पुराने इनटेक से नए इनटेक चैंबर के जोड़े जाने के बाद गमाडा ने ट्रायल शुरू कर दिया है।
कजौली वाटर वर्क्स में लगे सभी मोटरों की जांच की जा रही है। पाइप लाइन को चेक किया जा रहा है। कजौली से जंडपुर और जंडपुर से चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित वाटर वर्क्स में पानी आएगा। इसकी तैयारियों हो चुकी हैं। कजौली से चंडीगढ़ की दूरी 26 किलोमीटर है, जबकि जंडपुर से सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स की दूरी छह किलोमीटर है। कजौली से लेकर जंडपुर तक गमाडा ने पाइप लाइन बिछाई है। जबकि जंडपुर से लेकर सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स तक चंडीगढ़ नगर निगम ने पाइप लाइन डाली है।
पंप हाउस, पाइप लाइन, जंडपुर में जमीन खरीदने और पाइपलाइन बिछाने पर 200 करोड़ रुपये खर्च हुआ है। जंडपुर में चार एमजीडी क्षमता का टैंक बनाया गया है। सेक्टर-39 के वाटर वर्क्स में दो-दो एमजीडी क्षमता की दो अंडरग्राउंड टैंक बनाया गया है। इन अंडरग्राउंड टैंक में ट्रीटेड वाटर स्टोर किया जाएगा। इसके साथ ही यहां पर छह एमजीडी क्षमता वाले एक ओपन टैंक का भी निर्माण किया गया। इस टैंक में रॉ वाटर स्टोर किया जाएगा। एक फेज में 20 एमजीडी पानी आता है।