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ग्राउंड रिपोर्ट: चंडीगढ़ के स्वास्थ्य केंद्र बदहाल, गर्मी से मरीज बेहाल, कहीं पानी तो कहीं बैठने तक की व्यवस्था ही नहीं

Wed, 27 Apr 2022 12:22 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

खुड्डा लाहौरा में तो मरीजों के बैठने के लिए जगह ही नहीं। इलाज कराने आने वाले मरीज जमीन पर बैठने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं दड़वा स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज पेड़ की छांव में बैठकर धूप से बचाव कर रहे हैं।
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सारंगपुर स्थित केंद्र में बंद पड़ा वाटर कूलर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अप्रैल महीने में ही गर्मी अपने प्रचंड रूप में है। शहर के अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी है। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो मरीजों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था है न ही छाया में बैठकर इंतजार करने का इंतजाम है। मरीज तेज धूप में स्वास्थ्य केंद्रों में प्यासा अपनी बारी आने का इंतजार कर रहा है जबकि एसी कमरों में बैठे अधिकारियों को पता नहीं है कि स्वास्थ्य केंद्रों के वाटर कूलर खराब पड़े हैं। 

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गौरतलब है कि कोरोना की तीसरी लहर के बाद अस्पतालों की ओपीडी पहले की तरह संचालित होने लगी है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन हजारों मरीज पहुंचने लगे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने मरीजों की मूलभूत सुविधाओं का जायजा नहीं लिया। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ जीएमएसएच 16 को चमकाने में लगा है ताकि प्रशासन उसकी कमियों पर ध्यान न दे सके। जीएमएसएच 16 में इमरजेंसी के सामने मरीजों के लिए वेटिंग हॉल बनाया जा रहा है। चंद दिनों में उसे मरीजों के लिए खोल दिया जाएगा। 

नाम के लिए लगे हैं वाटर कूलर 
शहर के स्वास्थ्य केंद्रों पर पेयजल की व्यवस्था नहीं है। शौचालय के लिए दोपहर 12 बजे के बाद पानी की आपूर्ति होती है। यहां आने वाले मरीजों के साथ डॉक्टर व कर्मचारी भी परेशान हैं। दड़वा स्वास्थ्य केंद्र पर पीने का पानी उपलब्ध नहीं है। परिसर स्थित पीर बाबा स्थान में लगाए गए वाटर कूलर से मरीज अपनी प्यास बुझा रहे हैं। उसकी स्थिति भी बदतर है। वाटर कूलर के सिंक में काई की मोटी परत जमी हुई है। यही हाल सारंगपुर के स्वास्थ्य केंद्र का है। वहां का वाटर कूलर भी बंद पड़ा है। इन दोनों केंद्रों को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अनदेखी वाला रवैया गर्मी में मरीजों की फजीहत का कारण बना हुआ है। 

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दड़वा के स्वास्थ्य केंद्र पर जमीन पर बैठे मरीज। - फोटो : अमर उजाला
पेड़ न होते तो मरीज धूप में तपते 
खुड्डा लाहौरा में तो मरीजों के बैठने के लिए जगह ही नहीं। इलाज कराने आने वाले मरीज जमीन पर बैठने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं दड़वा स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज पेड़ की छांव में बैठकर धूप से बचाव कर रहे हैं। क्योंकि वहां मरीजों के बैठने के लिए न तो कुर्सी की व्यवस्था है न ही शेड बना हुआ है। वहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों का कहना है कि अगर वहां पेड़ नहीं होता तो फिर धूप में ही खड़े रहना पड़ता। 



अधिकारी मस्त, मरीज पस्त 
गर्मी में अधिकारी एसी कमरों में बैठकर फाइलें जांचते हैं और मरीज धूप में खड़े होकर इलाज का इंतजार करते हैं। ये तो हर बार की कहानी है। ठंड, गर्मी, बरसात सभी मौसम में मरीजों को ही परेशानी झेलनी पड़ती है। अधिकारियों को हर समस्या की जानकारी होती है लेकिन वे जान बूझकर उसे दूर करने का प्रयास नहीं करते।  -रवि प्रकाश दुबे, सेक्टर 44

सारी समस्या गरीब और जरूरतमंद जनता के लिए ही है। सरकार मरीजों की सुविधा के लिए फंड स्वीकृत कर रही है लेकिन उसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा। यह बेहद शर्मनाक है कि इस प्रचंड गर्मी में स्वास्थ्य केंद्रों पर पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।  - चंदेश्वर पाण्डेय, मलोया 
स्वास्थ्य केंद्रों पर वाटर कूलर खराब होने की जानकारी अभी मुझे नहीं है। उसे चेक करवाकर तत्काल ठीक कराया जाएगा। जीएमएसएच 16 में वेटिंग एरिया धर्मार्थ की तरफ से बनाया जा रहा है। जल्द ही काम पूरा हो जाएगा। फिर मरीजों और उनके परिजनों को यहां-वहां भटकना नहीं पड़ेगा। -डॉ. वीके नागपाल, उप निदेशक स्वास्थ्य व चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएच 16
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