चंडीगढ़। घर-घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, इससे शहर में कूड़ा लेने की व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई है। स्थिति यह है कि घरों से पिछले चार दिन से कूड़ा नहीं उठ रहा है। हालांकि शुक्रवार को निगम आयुक्त केके यादव व पार्षद राजेश कालिया के साथ कर्मचारियों की हुई बैठक के बाद मामले को सुलझाने का दावा किया गया था, लेकिन शनिवार को भी कई सेक्टरों में कूड़ा नहीं उठा। अधिकारियों का दावा है को बुधवार तक इसका फैसला हो जाएगा।
डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन सोसायटी के अध्यक्ष ओम प्रकाश सैनी ने बताया कि कर्मचारियों का वेतन लगातार कट कर आ रहा था। इस संबंध में अधिकारियों से जांच के लिए कहा गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई, तब जाकर हमें हड़ताल करनी पड़ी। सैनी ने बताया कि निगम के संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा के कहना है कि 2017 की अधिसूचना के अनुसार कर्मचारियों को वेतन दिया गया है। उस समय की अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी को 110 रुपये प्रति घर के हिसाब से वेतन देना था। कर्मचारियों ने कहा कि जब निगम से समझौता 2021 में हुआ है, तो पुरानी अधिसूचना के अनुसार वेतन क्यों दिया जा रहा है। वर्तमान में कर्मचारी प्रति घर से 150 रुपये ले रहे हैं। महंगाई बढ़ने के साथ कर्मचारियों ने पैसे बढ़ाए हैं। निगम अपने अनुसार क्यों काम कर रहा है। इस पर निगम आयुक्त व पार्षद ने हस्तक्षेप करते हुए कर्मचारियों से बुधवार तक का समय मांगा है। तब तक कर्मचारियों से घरों से कचरा लेने को कहा गया है।
केवल 15 प्रतिशत कर्मचारियों का कटा है वेतन
सैनी ने बताया कि संयुक्त आयुक्त का कहना है कि सभी कर्मचारियों का वेतन नहीं काटा गया है। 85 प्रतिशत को पूरा वेतन मिला है, केवल 15 प्रतिशत का ही वेतन काटा है। सैनी ने कहा कि नियम सभी के लिए समान हैं। इसमें प्रतिशत का कोई सवाल नहीं है। अधिकारियों ने फिर से वेतन के समायोजन का आश्वासन दिया है। वहीं कर्मचारी फिर से कूड़ा लेने वाले घरों का सत्यापन कराएंगे।
लोग फोन लगाते रहे, मुख्य सफाई निरीक्षक आश्वासन देते रहे
उधर, नगर निगम की कचरा लेने वाली गाड़ियों के न आने से लोग भी परेशान हो गए। घर में कूड़े का ढेर लगने के बाद लोगों ने मुख्य सफाई निरीक्षक को फोन लगाना शुरू कर दिया। मुख्य सफाई निरीक्षक भी लोगों को ठीक से जवाब नहीं दे सके। उन्होंने लोगों से कह दिया कि गाड़ी थोड़ी देर में आ जाएगी, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। निगम व कर्मचारियों के बीच तालमेल न बनने से लोगों को परेशान झेलनी पड़ रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नई व्यवस्था शुरू होने में थोड़ी समस्या तो होती है। अभी वेतन को लेकर जो समस्याएं आ रहीं हैं, उन्हें सुधार लेंगे। कर्मचारियों से हुए समझौते पर ही काम होगा। लोगों के सहयोग से इस व्यवस्था को भी मजबूत करेंगे। -रविकांत शर्मा, मेयर
कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों के वेतन को लेकर मामला फंसा है। कर्मचारियों से बातचीत हुई है। मामले में कुछ दिन का समय मांगा है। जल्द समस्या सुलझ जाएगी। कर्मचारियों ने गाड़ियों पर जाने की बात कही है। -केके यादव, निगम आयुक्त
कर्मचारियों के मुद्दे के मामले में जैसे ही जानकारी मिली, मैंने कर्मचारियों से बात की। उनकी समस्याएं जायज हैं। आयुक्त के साथ इस समस्या का समाधान हो गया है। लोगों को हो रही समस्या का जल्द निराकरण होगा। -राजेश कालिया, पार्षद