धर्मभूमि पर 10 सितंबर को हुई किसान महाभारत के बाद सरकार को किसान के चक्रव्यूह उलझाने की रणनीति को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस के तीन दिग्गज कुरुक्षेत्र की रणभूमि में उतरे। सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी पर उतरे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला का कुरुक्षेत्र में आवागमन चंद घंटों बीच हुआ, लेकिन तीनों इकट्ठे नहीं दिखे। इनमें से रणदीप सुरजेवाला सुबह दस बजे, सैलजा 12 बजे और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा 12 बजे कुरुक्षेत्र पहुंचे।
वीरवार को कुरुक्षेत्र में हुए लाठीचार्ज प्रकरण पर प्रियंका गांधी ने भी एक फोटो के साथ ट्वीट किया है। इसके अलावा भाजपा के अभिमन्यु ने भी कटाक्ष बाण छोड़ा है। कुरुक्षेत्र में किसानों पर हुआ घटनाक्रम अगले दिनों में खूब चर्चा में रहने वाला है, क्योंकि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने भी किसानों से बातचीत के लिये तीन सांसदों की एक कमेटी गठित करने का एलान किया है। कांग्रेसी दिग्गजों ने कुरुक्षेत्र में यह साफ किया कि वह किसान, व्यापारी और मजदूर की लड़ाई संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह लड़ी जाएगी।
कांग्रेसी दिग्गज सुरजेवाला ने तो भाजपा और जजपा को कौरव सेना तक बता डाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके समर्थन में खड़ी है। भाजपा के कैप्टन अभिमन्यु की टीस भी सामने आई। उन्होंने सोशल मीडिया पर और पार्टी के कुछ ग्रुप में अपना संदेश वायरल कर कटाक्ष बाण छोड़ा। उन्होंने कुरुक्षेत्र में हुई घटना पर दु:ख जताया और साथ ही लिखा है कि पिछले दिनों जो कार्यक्रम किये गये थे वे टाले भी जा सकते थे। अभिमन्यु ने कुरुक्षेत्र में किसानों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किये जाने पर दु:ख भी जताया है।
तीनों अध्यादेश वापस ले केंद्र सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि किसान बचाओ मंडी बचाओ रैली में भाग लेने वाले जिन 300 किसानों पर सरकार ने केस दर्ज कराए हैं,अगर उन्हें वापिस नहीं लिया गया तो कांग्रेस प्रदेश में बड़ा आंदोलन करने को विवश होगी। पिपली में वीरवार को किसानों पर हुए लाठीचार्ज की घटना के बाद शुक्रवार को हुड्डा कुरुक्षेत्र में किसानों, व्यापारियों और मजदूरों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सरकार एक के बाद एक किसान और जनविरोधी फैसले ले रही है।
हुड्डा ने कहा कि 10 दिन में किसानों पर दर्ज केस वापस नहीं लिये गये तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू होगा। आढ़तियों ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि सरकार जीरी की खरीददारी शुरू कर रही है। इसे 25 की बजाए 15 सितंबर से शुरू करना चाहिए। इसके अलावा लस्टरलॉस के नाम पर आढ़ती के पैसे ना काटे जाएं और काटे गए पैसे वापस किया जाए। नौकरी से बर्खास्त पीटीआई का प्रतिनिधिमंडल भी इस मौके पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलने पहुंचा।
कांग्रेस बुलंद करेगी आवाज
वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि तीन कृषि अध्यादेशों के खिलाफ किसान, आढ़ती व मजदूरों की आवाज को कांग्रेस बुलंद करेगी। कांग्रेस 21 सितंबर को प्रदेश भर में सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेगी। किसानों ने उन्हें अवगत कराया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया।
सरकार किसान, आढ़ती व मजदूर के गठजोड़ को तोड़ने पर उतारू है। जिस तरह से सरकार ने किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया, वह पूरी तरह निंदनीय है।
- रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस प्रवक्ता