रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ दर्ज मामले में प्राथमिक जांच के दौरान सामने आया है कि राजस्व अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण करने की प्रक्रिया में कोई उल्लंघन नहीं किया गया है। इस दौरान हुए लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करने में पुलिस जुटी है और एक डीसीपी, दो एसीपी, एक इंस्पेक्टर और एएसआई की विशेष जांच टीम गठित की गई है। आईजी क्राइम ने यह जानकारी हाईकोर्ट में हलफनामे के माध्यम से सौंपी है।
हलफनामा दाखिल करते हुए बताया गया कि तहसीलदार की रिपोर्ट के अनुसार स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 3.5 एकड़ भूमि डीएलएफ यूनिवर्सल लिमिटेड को सितंबर 2019 में बेची थी। इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं पाई गई। वजीराबाद के तहसीलदार ने बताया कि विवादित भूमि अभी डीएलएफ के नाम पर नहीं बल्कि एचएसवीपी के नाम पर है। इस मामले में आगे की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है। विशेष जांच दल इस मामले में अन्य पहलुओं की जांच करेगा और इस मामले में हुई आगे की प्रगति के बारे में कोर्ट को सूचित किया जाएगा। माननीयों पर लंबित मामलों को लेकर हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान मामले में यह जानकारी हरियाणा सरकार द्वारा सौंपी गई है।