पंजाब के सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में अब दवाओं की किल्लत नहीं होगी। न ही मरीजों को परेशान होकर बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ेंगी। पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन ने राज्य में तीन वेयर हाउस स्थापित किए हैं।
अब सभी अस्पताल यहीं से अपनी जरूरत के मुताबिक दवाएं ले सकेंगे। दवाओं की खरीद पीएचएससी करेगा। पहले अस्पताल अपने यूजर्स चार्जेज से दवाओं की खरीद करते थे, जिसमें कई समस्याएं आती थीं।
एक ही दवा विभिन्न अस्पताल अलग-अलग रेट पर खरीदते थे। खरीद प्रक्रिया में वक्त ज्यादा लगने से अस्पताल में दवाएं खत्म हो जाती थीं।
अस्पतालों में स्टोरेज की क्षमता कम होने के कारण ज्यादा खरीद नहीं की जा सकती थी, लेकिन नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत केंद्र सरकार ने फ्री ड्रग इनीशिएटिव शुरू किया। जिसके तहत पीएचएससी को खरीद की नोडल एजेंसी बनाया गया।
कंपनियों के साथ किया रेट कांट्रेक्ट
अब राज्य भर के सरकारी अस्पतालों व डिस्पेंसरियों के लिए पीएचएससी ने विभिन्न कंपनियों के साथ रेट कॉन्ट्रैक्ट किया है। दवाओं की स्टोरेज और सप्लाई के लिए तीन वेयर हाउस बठिंडा, वेरका और खरड़ में बनाए हैं।
बठिंडा व वेरका को आठ-आठ और खरड़ वेयर हाउस को छह जिलों से जोड़ गया है। जहां के अस्पताल यहां से दवाएं प्राप्त कर सकेंगे। वेयर हाउस में अस्पतालों की जरूरत को देखते हुए तीन महीने का स्टॉक रखा जाएगा।
आईवी फ्ल्यूड्स का एक महीने का स्टॉक होगा, क्योंकि ये जगह ज्यादा लेते हैं। जिस अस्पताल में जो दवा खत्म होने लगेगी, स्टाफ संबंधित वेयर हाउस से पहले ही ले लेगा।
बाद में सिविल सर्जन को इस संबंध में एक पत्र लिखना होगा। वहीं, खरीद से पहले पीएचएससी तीनों वेयर हाउस में स्टॉक का जायजा लेगा। कोई दवा कम या ज्यादा है, उसी के मुताबिक ऑर्डर दिया जाएगा।
कोल्ड चेन मेडिसिन रूम स्थापित किया
तीनों वेयर हाउस में कोल्ड चेन मेडिसिन रूम भी स्थापित किया गया है। जहां पर एंटी रेबीज व एंटी स्नेक वैक्सीन रखी जाएंगी। साथ ही वे दवाएं भी जिनके लिए कोल्ड चेन मेंटेन करना जरूरी है।
ई-मेल सिस्टम शुरू होगा
वेयर हाउस से अस्पतालों में दवाएं मंगवाने को जल्द ही ई-मेल सिस्टम शुरू होगा। इसका सॉफ्टवेयर डेवलप किया जा रहा है। जैसे ही अस्पताल के फार्मासिस्ट को लगेगा कि कोई दवा खत्म होने वाली है। वह संबंधित वेयर हाउस को मेल करेगा। वहां से उसे डिलीवरी का टाइम दिया जाएगा। अस्पताल स्टाफ के पहुंचने पर उनका पैक तैयार मिलेगा।
मुफ्त दवा योजना तोड़ गई थी दम
केंद्र सरकार ने जरूरतमंद मरीजों को दवाएं मुफ्त मुहैया कराने के मकसद से पिछले साल फ्री ड्रग इनीशिएटिव शुरू किया था। जिसके तहत सरकारी अस्पतालों में 235 दवाएं, 40 कंज्यूमेबल्स और 18 सर्जिकल आइटम मुफ्त दिए जाते हैं।
कई खामियों के कारण इनमें से बहुत सी चीजें अस्पतालों में मिलती नहीं थीं। मरीजों को मजबूरी में बाहर से खरीदना पड़ता था। अब सेंट्रल पर्चेज और डिस्ट्रीब्यूशन शुरू होने के बाद यह समस्या दूर होगी।