पंजाब में करीब चार लाख गन लाइसेंस जारी किए गए हैं। यह यूपी और जम्मू एवं कश्मीर के बाद देश में तीसरा ऐसा राज्य है, जहां सर्वाधिक शस्त्र जारी हुए हैं। इसकी वजह पंजाब में आतंकवाद और गैंगवार से जुड़ी गतिविधियों के अलावा बड़े पैमाने पर खेती की सुरक्षा भी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में अब तक 3,69,191 गन लाइसेंस हैं।
इतनी बड़ी संख्या में वैध हथियारों का होना भी राज्य की शांति के लिए खतरा बनता जा रहा है। लिहाजा सरकार ने इन हथियारों के लाइसेंस की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। पंजाब में हथियारों का प्रदर्शन करना एक फैशन बन गया है। यहां गानों से लेकर समारोह में हथियारों को लेकर चलना आम बात है। देश के दूसरे राज्यों के मुकाबले यहां हथियारों का लाइसेंस बनवाना भी आसान है।
गीतों के जरिये गायकों ने दिया गन कल्चर को बढ़ावा
पॉलीवुड के नाम से जानी जाने वाली पंजाब की फिल्म एवं म्यूजिक इंडस्ट्री में पिछले एक अरसे से गन कल्चर को बढ़ावा मिला है। गैंगस्टरों की साजिश का शिकार हुए गायक सिद्धू मूसेवाला के गीतों में भी गन कल्चर को दिखाया जाता रहा है। मनकीरत औलख और दिलप्रीत के अलावा कई और गायक और कलाकार भी अपने गीतों में हथियारों की नुमाइश करते देखे जा सकते हैं। इससे जहां पंजाब के भाईचारे को और शांति को खतरा है, वहीं हिंसा और दुश्मनी को भरी बढ़ावा मिला है। पंजाब की मान सरकार ने छह माह पहले भी एक अहम बैठक करके ऐसे कलाकारों को चेतावनी जारी की थी। अब राज्य में अहम लोगों की हत्याओं के बाद सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इन हत्याओं से दहला पंजाब
पिछले नौ महीने के दौरान पंजाब में सार्वजनिक जगहों पर हत्याओं का ट्रेंड बढ़ा है। चार नवंबर को शिवसेना नेता सुधीर सूरी और 10 नवंबर को डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी प्रदीप सिंह की हत्या पुलिस सुरक्षा में हुई थी। इससे पहले मार्च में जालंधर में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल की मैच के दौरान दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। मई में गायक सिद्धू मूसेवाला की निर्मम हत्या ने पूरे देश को हिला दिया था। मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी अटैक हुआ था।