आयुष्मान भारत योजना में आड़े आ रहे राशन कार्ड के झंझट को फिलहाल चंडीगढ़ में खत्म कर दिया गया है। अब सभी लाभार्थी परिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर युक्त पत्र भेजा गया है। उसके आधार पर लाभार्थियों का कार्ड बनेगा। कार्ड बनने के बाद वे चंडीगढ़ के किसी भी सरकारी अस्पताल में सालाना पांच लाख रुपये तक का इलाज करवा सकते हैं।
दो प्राइवेट हॉस्पिटल ईडेन और शमशेर भी इस स्कीम में शामिल हो चुके हैं। यहां पर लाभार्थियों को मुफ्त इलाज मिलेगा। दरअसल, आयुष्मान योजना का लाभ उठाने के लिए व्यक्ति का नाम लाभार्थी की सूची में होना जरूरी है। यह सूची साल 2011 में हुए आर्थिक-समाजिक सर्वे के आधार पर तैयार की गई है। इसमें निम्न और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों को शामिल किया गया है।
नाम आने के बाद व्यक्ति को अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड लेकर आयुष्मान भारत के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर जाना होगा। वहां पर बैठे कर्मचारी वेरिफाई करेंगे और मात्र आधे घंटे के भीतर कार्ड बन जाएगा। उसके बाद वह इस योजना का हकदार हो जाएगा। नए निर्देश के बाद चंडीगढ़ में आयुष्मान भारत योजना ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक शहर के हास्पिटलों में 80 से ज्यादा लोगों का इस योजना के तहत इलाज कराया जा चुका है।
राशन कार्ड के अनिवार्यता से बढ़ी थी दिक्कत
कार्ड बनाने के लिए राशन कार्ड की अनिवार्यता जरूरी थी, लेकिन चंडीगढ़ में राशन कार्ड की व्यवस्था को ही खत्म कर दिया गया था। इससे लोगों के आयुष्मान भारत के कार्ड नहीं बन पा रहे थे। इस समस्या को चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासन को अवगत कराया। प्रशासन ने इस बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों से बात की और इसका विकल्प ढूंढ निकाला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ के सभी 24 हजार फैमिली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर युक्त लेटर भेजे जा रहे हैं। ये पत्र इस सुबूत होगा कि व्यक्ति लाभार्थी की सूची में है और सत्यापित है। कई लोगों के घर ये लेटर पहुंच चुके हैं और वे लेटर लेकर काउंटर पर पहुंच रहे हैं।
ऐसे चेक करें अपना नाम
लाभार्थियों को मेरा डॉट पीएमजेएवाई डॉट जीओवी डॉट इन की वेबसाइट पर जाना होगा। यहां पर जाने से से सीधा लाभार्थी चेक करने का पेज खुल जाएगा। इसमें पहले खाने में मोबाइल नंबर और दूसरे नंबर में साथ में लिखे नंबर को भरना होगा। इससे व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी डालने के बाद एक नया पेज खुलेगा। इसमें डिटेल भरिए और सब्मिट करते ही पता चल जाएगा कि व्यक्ति लाभार्थी की सूची में है या नहीं। वेबसाइट पर लिखे दिशा-निर्देश को भरने से व्यक्ति के मोबाइल पर मैसेज भी आ जाएगा।
यहां बनवा सकते हैं कार्ड
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी हास्पिटल में रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। ये काउंटर जीएमएसएच 16, सिविल हास्पिटल मनीमाजरा, सेक्टर 22, सेक्टर 45 और मेडिकल कालेज। पीजीआई के नेहरू हास्पिटल में भी इसका एक काउंटर है। इन जगहों से कार्ड बनवाइए और हर साल पांच लाख का हेल्थ इंश्योरेंस प्राप्त कर सकते हैं। अब रोजाना 300 से ज्यादा लोगों को रजिस्टर्ड किया जा रहा है, जबकि पहले 30 से 40 लोगों का होता था।
राशन कार्ड नहीं होने से लाभार्थियों के कार्ड नहीं बन पा रहे थे। इस बारे में प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन से बात की। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात की और उसके बाद केंद्र सरकार ने राशन कार्ड की अनिवार्यता को खत्म कर दी। इससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
- प्रिंस भंढुला, प्रधान मेडिकल सेल बीजेपी
आयुष्मान के लाभार्थी को इलाज देना प्राथमिकता में शामिल है। अब मेरी कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी लाभार्थियों के कार्ड बनवा दिए जाएं और उन्हें इस योजना के बारे में जागरूक किया जाए। इस संबंध में जल्द ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित कराए जाने की योजना है।
- डॉ. जी दीवान, डायरेक्टर चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग