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Chandigarh News: दो किलोवाट तक के बिजली उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा मासिक शुल्क

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-9.5 लाख परिवारों को हरियाणाा सरकार ने दी राहत
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-बजट में घोषणा के चार महीने बाद किया लागू
-प्रति किलोवाट हर महीने देने पड़ते हैं 115 रुपये


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने बिजली के छोटे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। अब दो किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को 115 रुपये (प्रति किलोवाट) फिक्सड मासिक शुल्क नहीं देना पड़ेगा। उन्हें केवल खर्च की गई यूनिट के हिसाब से ही बिल देना होगा। सैनी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 9.5 लाख परिवारों को फायदा होगा। अगले महीने से ही बिल कम होकर आएगा। सरकार जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकती है।
पूर्व सीएम मनोहर लाल ने इसी साल मार्च में बजट भाषण के दौरान टैरिफ श्रेणी-1 के उपभोक्ताओं का न्यूनतम मासिक शुल्क (एमएमसी) खत्म करने का एलान किया था। सीएम नायब सैनी के नेतृत्व में सरकार चार महीने बाद इस फैसले को लागू कर रही है। टैरिफ श्रेणी-1 में वह उपभोक्ता शामिल हैं, जिनकी मासिक खपत 200 यूनिट तक है। बिजली निगम ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में ऐसे उपभोक्ताओं से प्रति किलोवाट 115 रुपये एमएमसी वसूलती है। इस फैसले पर सरकार पर करीब 180 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
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ऐसे समझें कितना फायदा होगा
एक किलोवाट कनेक्शन वाला उपभोक्ता महीनेभर में अगर 30 यूनिट खपत करता है तो दो रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से उसका बिल केवल 60 रुपये आएगा। पहले उसका बिल मासिक शुल्क के 115 जोड़कर 175 रुपये आता था। इसी तरह ज्यादा यूनिट खर्च होने पर प्रति यूनिट के हिसाब से ही बिल आएगा। कोई अतिरिक्त चार्ज अब नहीं देना होगा
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