अमृतसर में 22 जनवरी को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रैली के रूप में नशा विरोधी अभियान की शुरुआत करने जा रही भाजपा इस रैली में सीएम प्रकाश सिंह बादल को भी बुलाना नहीं चाहती।
भाजपा की ओर से दलील दी जा रही है कि यह कार्यक्रम भारतीय जनता युवा मोर्चा का है। अमित शाह की रैली के बाद 23 जनवरी को भाजयुमो प्रधान अनुराग ठाकुर अमृतसर से ही नशा विरोधी अभियान का शुभारंभ करेंगे। फिर इस अभियान को सभी जिलों में पहुंचाया जाएगा।
भाजपा नेताओं की दलील है कि बादल को 22 की रैली में बुलाने का फैसला पार्टी नहीं कर सकती, क्योंकि रैली की आयोजक भाजयुमो है। लेकिन सच्चाई यह है कि जिलों में नशा विरोधी अभियान की कमान भाजपा के पास है और खर्च की तमाम जिम्मेदारी भी भाजपा के पास है।
अंदरखाते भाजपा नशों के खिलाफ अपने अभियान से शिअद को दूर रखना चाहती है। क्योंकि शिअद के कई नेताओं पर ड्रग रैकेट में आरोप लग चुके हैं। भाजपा नेता खुद उनके इस्तीफों की मांग कर चुके हैं।
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरा था। भाजपा मान रही है कि इस मुद्दे पर हो रही रैली में शिअद नेताओं को बुलाने से गलत संदेश जा सकता है।