यूटी प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी एडवाइजर के आदेशों की भी परवाह नहीं कर रहे। लोगों की सुविधा के लिए शुरू किए गए पब्लिक कैंप अब उन्हीं के लिए मुसीबत बन रहे हैं।
दफ्तरों में कोई फरियाद लेकर पहुंचता है तो उसे सीधा पब्लिक कैंप में आने के लिए कहा जा रहा है। घंटों इंतजार करने के बाद भी कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
खासकर ई-संपर्क सेंटर्स पर लोगों को अनसुना किया जा रहा है। सेक्टर-8 में आयोजित एस्टेट ऑफिस के पब्लिक कैंप में एडवाइजर विजय कुमार देव ने अधिकारियों और बाबुओं को साफ निर्देश देते हुए कहा था कि जो मामले कैंप से पहले निपट सकते हैं, उन्हें कैंप के इंतजार में न छोड़ा जाए।
इसके बावजूद बाबू मामलों को लटका रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले सेक्टर-17 स्थित डीसी ऑफिस बिल्डिंग में बने ई-संपर्क सेंटर के आ रहे हैं।
यहां हेल्प डेस्क पर अधिकारी ने बैठना ही छोड़ दिया है। ई-संपर्क सेंटर पर काफी देर से इंतजार में खड़े नेहरू कॉलोनी निवासी महेश ने बताया कि वह दो दिनों से अपनी समस्या के निदान को आ रहे हैं। लेकिन बाबु सुनते ही नहीं हैं।
बस यही कहते हैं जो भी समस्या है, पब्लिक कैंप में आना। अधिकारियों ने जरूरी काम दे रखा है, अभी सब उसमें व्यस्त हैं।
एस्टेट ऑफिस में प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए पहुंचे सेक्टर-37 निवासी मुनीष दीक्षित ने बताया कि वह भी बाबुओं के बहानों से परेशान हैं। उन्हें भी प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए पब्लिक कैंप में ही आने के लिए कहा जा रहा है।