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कोरोना संक्रमित मरीज बोले- रिश्तेदार कर रहे ऐसा व्यवहार जैसे हम अपराधी हों, पर हम लड़ेंगे

Mon, 06 Apr 2020 03:57 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो वीणा तिवारी, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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हम अपनी दोनों बच्चियों के साथ कनाडा से चंडीगढ़ लौटे। दुनिया भर में कोरोना को लेकर हाहाकार मचा था। डॉक्टरों की ओर से बताए जा रहे लक्षणों के मुताबिक, न हमें बुखार था और न खांसी थी। फिर भी हम पति-पत्नी ने अपनी जिम्मेदारी समझी और सेक्टर-32 स्थित अस्पताल में जांच कराने पहुंच गए।
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जहां हमारी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। समय रहते जानकारी मिलने से केवल हमारे परिवार के बीच ही कोरोना फैला। आज डॉक्टरों की मदद से हम कोरोना को हराने वाले हैं। शनिवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में यह बातें सेक्टर-33 निवासी कनाडा से लौटे कोरोना पॉजिटिव दंपती ने कहीं।

कोरोना पॉजिटिव पत्नी ने बताया कि वह कनाडा में ही अपने पति व बच्चों के साथ रहतीं हैं। कनाडा से चंडीगढ़ आए तो सोचा कि एहतियात के तौर पर चेकअप करा लेते हैं। हमारी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पर 10 साल की बच्ची और 10 माह की बच्ची की भी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसके बाद सास और मां की संक्रमित हो गईं।
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उन्होंने बताया कि हमारी जागरूकता से हमने परिवार की बीच ही कोरोना को रोकने का अहम कदम उठाया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बावजूद हमें न बुखार आया है और न खांसी हुई है। इसलिए लोग जागरूक होकर खुद से ऐसे कदम उठाएंगे तो कोरोना को हराना कोई मुश्किल काम नहीं है। बस जरूरत है अपनी जिम्मेदारी समझने की।

पत्नी ने बताया कि उनके पति, 10 माह की बच्ची और सास को पीजीआई के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। दूसरी बेटी व मां को मोहाली के अस्पताल में रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि मेरी बेटियां व मेरा परिवार कोरोना को हराकर जल्द घर लौटेगा।
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रिश्तेदार ऐसा व्यवहार कर रहे जैसे हम कोई अपराधी हों

कोरोना पॉजिटिव पत्नी बात करते-करते अचानक भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि इस समय लोगों को एकजुट होकर साथ देने की जरूरत है। वहीं कुछ रिश्तेदार व पड़ोसी घर वालों से बड़ा अजीब सा व्यवहार कर रहे हैं। इससे थोड़ी समस्या हो रही है।

फोन पर बात करते हुए ऐसे पूछते हैं, जैसे हमने कोई खून कर दिया हो या किसी से दुष्कर्म किया हो, लेकिन हमें किसी चीज का डर नहीं है। हमने अपनी जिम्मेदारी समझी और खुद आकर टेस्ट कराया। यही कारण है कि हम जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे। लोगों को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।

बच्ची छोटी है तो मैं ही संभालती हूं, पाठ भी करते हैं
कोरोना पॉजिटिव पत्नी ने बताया कि मेरी एक बच्ची केवल 10 माह की है। इसलिए नर्स या किसी डॉक्टर से संभलना थोड़ा मुश्किल है। इसलिए मैं खुद ही बेटी को संभालती हूं। पूरा दिन एक कमरे में रहना है, खाना भी वहीं खाना है और दवा भी वहीं खानी है। कमरे में ही टहलना है। इसलिए सुबह-शाम पाठ भी कर लेते हैं। इसके अलावा जीवन के कुछ अच्छे लम्हों को याद करके हंस भी लेते हैं।
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