सिटको प्रशासन अपने हजारों कर्मचारियों को बड़ा झटका देने जा रहा है। दरअसल, सिटको की चंडीगढ़ यूनिट घाटे में चल रही है। इस कारण 1000 कर्मचारियों को एक्सटेंशन नहीं मिलेगा। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग में घाटे की बात सामने आई थी। सिटको की ओर से एक्सटेंशन नहीं दिए जाने की फाइल भेजी गई थी। इसे गवर्नर ने अप्रूवल दे दी है।
सिटको की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग बीती 27 जून को हुई थी। दो महीने की परफारमेंस रिपोर्ट में सिटको की 88.29 लाख कमाई बीते 2015 से घट गई है। घटती कमाई की रिपोर्ट आने के कारण गवर्नर ने सिटको को कर्मचारियो को एक्सटेंशन देने से मना कर दिया है। सिटको की ओर से माउंट व्यू, शिवालिक व्यू , कलाग्राम , इंडस्ट्रियल एरिया स्थित इंडस्ट्री यूनिट भी घाटे में है।
इसी कारण यह फैसला लिया गया है। इसे लेकन सिटको के कर्मचारियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सिटको की ओर से कर्मचारियों की रिटायरमेंट 58 साल होती है। सिटको के कर्मचारियों को दो साल का एक्सटेंशन मिलने के बाद यह 60 वर्ष हो जाती थी। अब कर्मचारियों को यह एक्सटेंशन सिटको को फायदे में लाने के लिए नहीं दी जाएगी। सिटको की कमाउपुत यूनिट सुखना लेक हैं। यहां से हर महीने एक करोड़ रुपये की कमाई होती है बाकि अन्य यूनिट घाटे में हैं। इसे अभी तक नहीं सुधारा जा सका है।
इन कारणों से सिटको गया है घाटे में
बीती 27 जून को हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग रिपोर्ट में यह सामने आया कि सिटको अपनी गलतनीति के कारण घाटे में गया है। सिटको की ओर से पूवर मार्केटिंग, पूवर फूड सर्विस और ओवर स्टाफ , प्राफिट कुल कर्मचारियों की सेलरी में जाता है। इसी कारण सिटको घाटे में है। वहीं माउंट व्यू को फायदे में लाने के लिए एक साल पहले तीन लाख रुपये महीने का जनरल मैनेजर राकेश रावत के रखा गया। इसकेे बाद भी माउंट व्यू प्राफिट में नहीं आ सका है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि तीन लाखका जीएम रखने के बाद माउंट व्यू प्राफिट में नही हैं। इस पर राकेश रावत ने अपने कार्यकाल से इस्तीफा दे दिया था।
सिटको की ओर से बरती गई लापरवाही
सिटको वर्क र यूनियन के प्रेसीडेंट कश्मीर चंद ने बताया कि एक हजार कर्मचारियों के साथ सिटको दगा कर रहा है। यह कर्मचारियों का शोषण है। हमने इसके लिए गवर्नर को लेटर लिखा है कि कर्मचारियों को एक्सटेंशन दी जाए। अगर यह नहीं दी जाएगी तो हम हाईकोर्ट जाएंगे। सिटको के पास बजट की कमी है।
सिटको के कर्मचारियों को सेलरी अधिक है। इसलिए यह प्राफिट में नहीं आया है। एक्सटेंशन नहीं दिए जाने के लिए गवर्नर के पास अप्रूवल के लिए फाइल गई थी। एक्सटेंशन नहीं देने की स्वीकृति मिल गई है।
- नवजोत कौर, सीजीएम, सिटको