पंजाब मंत्रिमंडल में फिलहाल विस्तार के कोई आसार नहीं हैं। वहीं विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। पंजाब मंत्रिमंडल से फिलहाल न तो कोई मंत्री बाहर होगा और न ही कैबिनेट में कोई नया चेहरा शामिल होगा।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से हुई मुलाकात का फिलहाल कोई नतीजा नहीं निकला है। रेत की खदानों के संबंध में आरोपों से घिरे सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह को जांच पूरी होने तक कैबिनेट से फिलहाल नहीं हटाया जाएगा। मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए भी प्रस्तावित नामों पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।
राहुल से कैप्टन की मुलाकात को पंजाब में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घिरी सरकार पर बढ़ते दबाव के तौर पर देखा जा रहा था। समझा जाता है कि पार्टी ने एक बार फिर फैसला पूरी तरह से कैप्टन पर छोड़ दिया है। कैप्टन ने पार्टी नेतृत्व को आश्वस्त किया है कि अगर जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो वह कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।