शहरवासियों और पर्यटकों के लिए बड़ी बुरी खबर है। एक महीने के लिए सुखना लेक पर एंट्री बैन कर दी गई है। सुखना लेक की बतखों को मारने के बाद वहां इलाके को वायरस मुक्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।
लेक पर सैलानियों और आम लोगों की एंट्री रोक दी गई है। यह प्रतिबंध एक माह तक चलेगा। लेक के आसपास के इलाके में धारा 144 लगा दी गई है। लेक पर मरी एक बतख में बुधवार को बर्ड फ्लू कन्फर्म होने के बाद वीरवार रात साढ़े दस बजे तक बची हुईं 90 बतखों को मारा गया।
इसके बाद शुक्रवार सुबह ही लेक के आसपास के वातवरण को वायरस मुक्त करने के लिए मुहिम शुरू कर दी गई। इसके तहत जॉगिंग ट्रैक और सुखना की सीढ़ियों पर करीब सौ बोरी चूने का छिड़काव किया गया। शुक्रवार को भी सुखना पूरी तरह से सील रही।
बर्ड फ्लू नोटिफाइड होने के बाद एक्शन प्लान की गाइड लाइंस के मुताबिक एक महीने तक सुखना पर आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी। दुकानें व रेस्टोरेंट भी एक महीने तक नहीं खुलेंगे।
लेक क्लब भी एक माह के लिए बंद
प्रशासन ने लेक क्लब और लेक कैफेटेरिया को भी एक महीने तक बंद रखने के आदेश जारी कर दिए हैं। सुखना के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाके में आज से एनिमल हसबेंडरी की ओर से सर्च अभियान चलाया जाएगा।
इसके तहत कैंबवाला, किशनगढ़ और आईटी पार्क के पास बनी कालोनियों में कुछ लोगों ने बतखे पाल रखी हैं। इस बारे में शुक्रवार को विभाग को सूचना मिली है। इन बतखों का सर्वे कर उनके भी सैंपल लिए जाएंगे। इसके लिए एनिमल हसबेंडरी की टीम तैयार कर दी गई।
भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (एनआईएचएसएडी) की टीम अगले हफ्ते चंडीगढ़ आएगी। टीम के सदस्य लेक के पानी और पर्यावरण से जुड़े सैंपल लेंगे। पहले इस टीम को इसी हफ्ते आना था, लेकिन हैदराबाद में स्वाइन फ्लू का आउटब्रेक होने के कारण टीम को वहां पर जाना पड़ा है। यह टीम माइग्रेटरी बर्ड्स के भी सैंपल लेगी।
हरियाणा राजभवन की बतखें भी सर्विलांस पर
सुखना पर बर्ड फ्लू कंफर्म होने के बाद एक किलोमीटर के दायरे में आने वाली सभी बतखों को सर्विलांस पर रखने के आदेश जारी हो गए हैं। इसके तहत सभी बर्ड्स के सैंपल लेकर उन्हें जालंधर भिजवाए जाएंगे। हरियाणा राजभवन में 8 व गोल्फ क्लब में 25 बतखे हैं।
इन बतखों को अलग कर सुरक्षित रखने के आदेश जारी हुए हैं। इन्हें एक ही व्यक्ति ही दाना खिलाएगा। साथ ही इनकी देखरेख करने वाले कर्मचारियों को कहा गया है कि यदि किसी बतख में बीमारी के लक्षण मिलते हैं तो तुरंत एनिमल हसबेंडरी के अधिकारियों को सूचना दें।
बड़ा सवाल, कौन लाया बर्ड फ्लू
सुखना पर बर्ड फ्लू कहां से आया, इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है। वैसे अधिकारी इस संभावना से इंकार नहीं कर रहे कि कोई प्रवासी पक्षी अपने साथ चीन या वियतनाम से इस वायरस को लेकर आया हो। हालांकि एक बतख के अलावा यह अभी किसी अन्य में नहीं पाया गया है, इसलिए अधिकारी कह रहे हैं कि घबराने की कोई बात नहीं है। स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है।