स्टूडेंट्स को इंगलिश पढ़ाती सरपंच सुनीता
कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो इंसान को कोई डगमगा नहीं सकता। देश की एक महिला सरपंच की कहानी सुनिए, आप कहेंगे वाह इंसान हो तो इनके जैसा। हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव नागपुर में सीनियर सेकंडरी स्कूल है। यहां टीचर्स के 20 पद खाली हैं। अंग्रेजी टीचर के चार पद हैं और एक पर भी नियुक्ति नहीं। बोर्ड एग्जाम सिर पर हैं।
ऐसे में स्टूडेंट्स के लिए मिसाल बनकर आगे आईं गांव की सरपंच सुनीता। वे दो महीने से खुद 11वीं और 12वीं के लगभग 500 बच्चों को इंग्लिश पढ़ा रही हैं। इंग्लिश व हिस्ट्री में एमए, बीएड सुनीता बच्चों को घर पर कोचिंग भी देती हैं। प्रिंसिपल विजय बताते हैं कि छठी से 12वीं तक के इस स्कूल में 30 गांवों के करीब 1300 बच्चे पढ़ते हैं।
22 लेक्चरर्स के पद हैं और उनमें से 9 ही कार्यरत हैं। 8वीं तक के 12 शिक्षकों में चार पद खाली हैं। अंग्रेजी के अलावा मैथ, हिस्ट्री, इकॉनोमिक, हिंदी व पंजाबी के लेक्चरर्स की कमी है। टीचर्स की कमी को लेकर कई बार डीईओ से बात हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकला तो सरपंच ने खुद ही बच्चों की क्लास लेनी शुरू कर दी।