भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष के लिए अब चुनाव होने की संभावना कम हो गई है, क्योंकि 24 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होने जा रहा है। पार्टी के अनुसार अमित शाह को पुन: सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया जाएगा।
पार्टी के संविधान के अनुसार जब राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हो जाता है तो बाकी राज्यों के अध्यक्षों को मनोनीत करने का अधिकार नवनियुक्त अध्यक्ष के पास होता है।
ऐसे में चंडीगढ़ के नए भाजपा अध्यक्ष के लिए अब चुनाव होने की उम्मीद नहीं है। दिसंबर में चंडीगढ़ भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करवाने का निर्णय हुआ था, लेकिन मेयर चुनाव के कारण इसे टाल दिया गया।
इसके बाद मेयर चुनाव के बाद 10 जनवरी को चुनाव करवाने की तारीख तय हुई, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के कारण फिर से टाल दिया गया।
ऐसे में अब 24 को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद इस माह के अंत में या फरवरी के पहले सप्ताह में नए प्रदेश अध्यक्ष का नाम मनोनीत कर दिया जाएगा।
पार्टी के वरिष्ठ नेता कर रहे लॉबिंग
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए अब तक दो नाम पर चर्चा हो रही है, जिनमें राजेश गुप्ता और सतिंदर सिंह का नाम शामिल है। राजेश गुप्ता के लिए टंडन और सतिंदर सिंह के लिए सांसद किरण खेर, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन लाबिंग कर रहे हैं। नए अध्यक्ष के मनोनीत होने के कारण इन नेताओं के बीच गुटबाजी बढ़ने की भी उम्मीद है।
संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए 50 प्रतिशत प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव होने जरूरी हैं। बाकी बचे प्रदेश अध्यक्ष को मनोनीत करने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास होता है। मनोनीत के अलावा नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी हो सकता है, लेकिन इसका निर्णय बाद में ही लिया जाएगा।
- अविनाश राय खन्ना, राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी