आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बार विधानसभा चुनाव में सट्टा बाजार की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई है और इस पर कुछ यूं लगाम लगी। इस बार के चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और आप तीनों राजनीतिक दल बहुमत से सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सट्टा बाजार पंजाब विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं दे रहा है। इस बार सट्टा बाजार की सिट्टीपिट्टी गुम है।
इसका कारण यह है कि उसके पिछले अनुमान गलत साबित हुए थे। हाल ही में हुए चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में सट्टा बाजार ने भाजपा को 14 से 15 सीट दी थी लेकिन भाजपा की 20 सीट आई है। इसी तरह से पिछले पंजाब विधानसभा चुनाव सट्टा बाजार कांग्रेस की सरकार बहुमत से बना रहा था लेकिन शिअद- भाजपा की सरकार बनी।
इसी तरह से दिल्ली विधानसभा चुनाव में सट्टा बाजार भाजपा को आप से ज्यादा सीटे दे रहा था जबकि भाजपा की मात्र तीन सीट ही आई थी। साल 2014 लोकसभा चुनाव में सट्टा बाजार ने भाजपा को 200 सीट दी थी लेकिन भाजपा को 282 सीटे आई थी। हालांकि ढाई साल पहले हरियाणा विधानसभा के समय सट्टा बाजार का अनुमान काफी करीब रहा। उस समय सट्टा बाजार ने हरियाणा चुनाव में भाजपा को 45 सीट दी थी और भाजपा को 47 सीट आई थी।