हरियाणा में सैनिक आईटीआई के भविष्य पर सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। जिसके चलते आईटीआई स्टाफ के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। जल्द सरकार ने इस पर फैसला नहीं लिया तो 31 जुलाई से प्रदेश कीसभी सातों सैनिक आईटीआई बंद हो जाएंगे। संबंधित विभाग पहले ही स्टाफ को सेवामुक्त होने का नोटिस थमा चुका है।
हरियाणा राज्य सैनिक बोर्ड के अंतर्गत सन 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद परिवारों की विधवाओं व उनके बच्चों को स्वावलंबी बनाने केउद्देश्य से वर्ष 1972 में तत्कालीन हरियाणा सरकार ने सैनिक आईटीआई की शुरुआत की थी। पंचूकला, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, रेवाड़ी, जींद व हिसार में चल रहे हैं। जबकि यमुनानगर के छछरौली स्थित सेंटर पहले ही बंद कर दिया गया था। अब शेष सातों आईटीआई को भी बंद करने की प्रक्रिया चल रही है।
बंद करने पर विभाग ने भेजे अपने कमेंट्स
इन सैनिक आईटीआई को क्यों बंद किया जा रहा है, इसे लेकर सरकार ने संबंधित विभाग से कमेंट्स भी मांगे थे। विभाग की ओर से बंद करने के कारणों से सरकार को अवगत करवाया है। सूत्रों के अनुसार विभाग ने बताया कि इन आईटीआई सेंटरों केजो वर्तमान हालात है, उससे इन आईटीआई को नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग की मान्यता नहीं दिलवाई जा सकती। दूसरा, इन आईटीआई सेंटरों में छात्रों की संख्या भी कम है और इंफ्रास्ट्रक्चर भी नहीं है। विभाग के इन कमेंट्स के बाद अब हरियाणा सरकार को फैसला लेना था।