उदाहरण के तौर पर नरेश नाम की स्पेलिंग एनएआरईएसएच बनती है, लेकिन पोर्टल पर सिर्फ आरईएसएच लिखी हुई है। वहीं आरव नाम की स्पेलिंग एआरएवी बनती है, जो एआरवी लिखी हुई है। इसी प्रकार अनेक नामों की स्पेलिंग में इसी तरह की गलती की गई है।
यह है योजना
सिंगापुर और ब्राजील की तर्ज पर अब हरियाणा में हर परिवार का पहचान पत्र होगा। प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का लाभ आने वाले समय में इसी पहचान पत्र के जरिये मिलेगा। रिकॉर्ड अपडेट होने पर प्रदेश के 55 लाख परिवारों को कार्ड मिलेंगे। कार्ड मिलने के बाद सरकारी योजनाओं के लिए पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया जाएगा।
आधार कार्ड की तरह ही पूरे परिवार की एक अलग पहचान होगी, जिसमें परिवार के मुखिया का नाम सबसे ऊपर होगा। जन्म के साथ ही इसमें परिवार के सदस्य का नाम शामिल हो जाएगा और जब लड़की शादी के बाद ससुराल जाएगी तो उसका नाम ससुराल के परिवार में शामिल कर दिया जाएगा।
यह होगा फायदा
इस योजना से पात्र परिवारों को योजनाओं का सही समय पर लाभ मिलेगा। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने के साथ ही पात्र परिवारों के सही आंकड़े भी सामने आएंगे। अर्थ एवं सांख्यिकीय विश्लेषण विभाग के पास जिलावार परिवारों का डाटा उपलब्ध रहेगा, जिसे अन्य विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए उपयोग कर सकेंगे।
पोर्टल ने खुद ही यह डाटा उठा रखा है। डाटा एकत्रित करने के लिए सर्वे कराने की जानकारी मुझे नहीं है। - एमपी कुलश्रेष्ठ, टेक्निकल डायरेक्टर, एनआईसी