चंडीगढ़ में अपनी कैब दौड़ने के लिए लाइसेंस लेने की सोच रहे हैं, पढ़ लिजिए बेहद जरूरी और राहत भरी खबर। दरअसल, कैब के अंदर अब सीसीटीवी लगाना अनिवार्य नहीं होगा। यूटी प्रशासन ने ऑन डिमांड ट्रांसपोर्टेशन के लिए लागू की जाने वाली पॉलिसी से यह शर्त हटा ली है।
प्रशासन ने यह फैसला एप कैब कंपनियों की आपत्ति के बाद लिया है। एप कैब कंपनियों ने अपनी आपत्ति में कहा था कि सीसीटीवी से कैब में सफर करने वाले यात्रियों की निजता का हनन होगा। साथ ही सीसीटीवी फुटेज का रिकार्ड रखना भी काफी मुश्किल है।
सीसीटीवी फुटेज का दुरुपयोग होने की संभावनाएं काफी हद तक बढ़ जाएंगी। इन सब बातों पर गौर करने के बाद प्रशासन ने पॉलिसी से सीसीटीवी लगाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। एप कैब पॉलिसी लगभग फाइनल हो गई है।
शहर में ओला, टैक्सी फॉर श्योर और उबर एप कैब कंपनी शहर में अपनी सेवाएं दे रही हैं। रेडियो और वेब कैब की तरह शहरवासियों की सुरक्षा को देखते हुए नई पॉलिसी बनाई गई है।