चार दिन पहले जारी किया गया नास्तिकता का प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया है। दरअसल, प्रशासन की ओर से युवक पर आरोप लगाए गए हैं। मामला हरियाणा के टोहाना का है। नायब तहसीलदार ओमप्रकाश ने चार दिन पहले रवि को नास्तिकता का प्रमाणपत्र जारी किया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद शनिवार को प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया।
नायब तहसीलदार का कहना है कि रवि को कोर्ट से दसवीं की मार्कशीट में नाम के आगे नास्तिक लगाने की अनुमति मिली थी, लेकिन उसने इस आदेश की आड़ में गलत दस्तावेज प्रस्तुत करके प्रमाणपत्र बनवा लिया। जबकि रवि का कहना है कि प्रशासन ने उसके साथ नाइंसाफी की है। नायब तहसीलदार ने उसे पुलिस कार्रवाई की धमकी दी है। वहीं, नायब तहसीलदार ने धमकी देने के आरोप को खारिज किया है।
बता दें कि 29 अप्रैल 2019 को किल्ला मोहल्ला निवासी रवि को नायब तहसीलदार ने नो कास्ट, नो रिलीजन, नो गॉड का सर्टिफिकेट जारी किया था। इस बीच, रवि की ओर से एक ऑडियो वायरल किया गया, जिसमें नायब तहसीलदार उसे सर्टिफिकेट वापस देने की बात कह रहे हैं। रवि ने बताया कि उसने कोर्ट में याचिका दायर कर अपना सरनेम नास्तिक लगाने की मांग की थी।
कोर्ट ने उसे इसकी इजाजत दी थी। उसने डीसी को लेटर देकर तहसीलदार से नो कास्ट सर्टिफिकेट जारी करने की मांग की थी। डीसी ने तहसीलदार को सर्टिफिकेट जारी करने को कहा था। इसके बाद तहसीलदार ने सर्टिफिकेट जारी किया था। रवि का आरोप है कि जब इसकी चर्चा देश भर में होने लगी तो प्रशासनिक अधिकारी उसे धमकियां देने लगे। सर्टिफिकेट वापस मांगने लगे।