केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की पोटली से आम बजट में हरियाणा के लिए कोई बड़ी सौगात नहीं निकली। वित्त मंत्री ने बजट में प्रदेश के लिए किसी बड़े प्रोजेक्ट की सीधे तौर पर घोषणा नहीं की है।
हरियाणा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य जिलों के लिए बड़ी परियोजनाओं के एलान की उम्मीद थी। पूर्व के बजटों में हरियाणा के लिए बागवानी विश्वविद्यालय सहित निफ्ट और अन्य बड़े संस्थानों की घोषणाएं हुई हैं, लेकिन इस बार विशेष रूप से केंद्र सरकार ने भाजपा शासित राज्य के लिए कोई तोहफा नहीं दिया।
केंद्रीय बजट में आयकर स्लैब में बदलाव से आयकर दाताओं ने राहत महसूस की है। प्रदेश में दस लाख से अधिक व्यक्ति आयकर प्रदान करते हैं, टैक्स दरों में बदलाव से उन्हें सीधा लाभ होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी की विकास परियोजनाओं का असर आने वाले समय में हरियाणा में दिखने के आसार हैं, चूंकि मनरेगा, सिंचाई और दलित उत्थान के लिए बजट में बड़ी राशि आवंटित हुई है। हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है, और बजट में फसल बीमा का प्रतिशत बढ़ाने और कर्ज पहले से अधिक देने से किसानों को कुछ राहत की उम्मीद है।