हरियाणा के लगभग तीस हजार एससी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ न मिलने पर मनोहर लाल सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने चार मई 2018 को पत्र जारी कर सभी विभागों, बोर्ड, निगमों व स्वायत संस्थानों को एससी कर्मचारियों को ग्रुप सी और डी में आरक्षण का लाभ देकर पदोन्नत करने के निर्देश दिए थे।
बावजूद इसके विभागों ने आदेशों को दरकिनार करते हुए एससी कर्मियों की न तो पदोन्नति की न ही उनका बैकलॉग भरा। बैकलॉग अनुसार ग्रुप सी और डी में एससी श्रेणी के हजारों पद खाली पड़े हुए हैं। मुख्य सचिव कार्यालय भी इस पर तब हरकत में आया जब हाईकोर्ट में बैकलॉग व प्रमोशन से जुड़े मामले में जवाब तलब हुआ।
इसे देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने पांच जुलाई को सुबह 11 बजे अहम बैठक बुलाई है, जिसमें सभी विभागाध्यक्षों, बोर्ड, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य प्रशासकों एवं यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को तलब किया है। सभी को बताना होगा कि चार मई 2018 को जारी आदेशों के बाद ग्रुप सी और डी में एससी श्रेणी के कितने कर्मचारियों को प्रमोशन दिया गया है।
17 जून 1995 के बाद से कितना बैकलॉग था और अभी है। सभी अधिकारियों को साथ में रिकॉड लाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में हजरस के प्रधान प्रेम सिंह बकौलिया व प्रेस सचिव भूप सिंह भारती का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद सरकार ने आज तक न तो किसी विभाग में बैकलॉग भरा न ही प्रमोशन किए। एक बार फिर एससी कर्मियों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।