मौजूदा वित्त वर्ष में चंडीगढ़ को केंद्र सरकार से अतिरिक्त बजट नहीं मिलेगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार से नॉन प्लान बजट में लगभग 200 करोड़ रुपये मांगे थे।
इनमें से 150 करोड़ रुपये किसानों को उनकी जमीन के बदले में मुआवजा देने के लिए मांगे गए थे। केंद्र प्रशासन को अतिरिक्त बजट देने के लिए राजी नहीं हुआ।
केंद्र ने फिलहाल प्रशासन को पहले से स्वीकृत बजट के अनुसार ही अपनी जरूरतों को पूरा करने और खर्चे में कटौती करने को कहा है।
एमएचए पहले ही नए वाहन खरीदने और नई पोस्ट क्रिएट करने पर रोक लगा चुका है।
पिछले माह नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के अधिकारियों के साथ प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई थी।
उसमें मौजूदा वित्त वर्ष में प्रशासन की ओर से खर्च किए गए पैसों की समीक्षा हुई और प्रशासन की भविष्य की मांग पर भी चर्चा हुई थी।
एमएचए ने प्रशासन को नियमित तौर पर बजट में मिले पैसे खर्च करने को कहा और प्रोजेक्टों में भी तेजी लाने को कहा है।
प्रशासन ने अतिरिक्त बजट की मांग रखी थी और एमएचए ने ही इस मांग को वित्त मंत्रालय के पास भेजा था।
हर साल दिसंबर में बैठक में यह तय होता है कि संशोधित बजट में प्रशासन को कितना बजट अतिरिक्त मिलेगा। प्रशासन को मुख्य तौर पर हर साल नॉन प्लान बजट में ही अतिरिक्त पैसे की जरूरत होती है।
लेकिन, प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार ने इस साल अतिरिक्त बजट देने से मना कर दिया है।