निरंकारी बाबा हरदेव सिंह का सड़क हादसे में निधन
- फोटो : फाइल फोटो
संत निरंकारी मिशन के प्रमुख गुरु बाबा हरदेव सिंह महाराज नहीं रहे। कनाडा के मॉन्ट्रियल में एक कार हादसे में उनका निधन हो गया है। वे 62 साल के थे। हादसा, कार पलटने से हुआ। बाबा के दामाद संदीप ठिंडा ने इस बात की पुष्टि की। संत निरंकारी बाबा की 27 देशों में 100 शाखाएं हैं। बाबा हरदेव सिंह संत निरंकारी मिशन के प्रमुख थे। देश-दुनिया में उनको मानने वालों की संख्या लाखों में है। इस खबर के बाद इनमें शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार भी सदमे में है।
23 फरवरी 1954 को दिल्ली में जन्में बाबा हरदेव सिंह निरंकारी समुदाय के चौथे गुरू थे। 1971 में निरंकारी सेवा दल से जुड़े थे। अप्रैल 1980 में वे संत निरंकारी मिशन के प्रमुख बने थे। उग्र वादियों ने इनके पिता बाबा गुरवचन सिंह का कत्ल कर दिया था। उसके बाद उन्हें यह गद्दी मिली थी। 25 अप्रैल 2016 को ये अपने बेटी-दामाद के साथ अमेरिका चले गए थे। इनकी मां का नाम राजमाता कुलवंत कौर, जिनका निधन दो साल पहले हुआ है।
यह भी पढ़ेंः निरंकारी मिशन के प्रमुख बाबा हरदेव के बारे में 10 अनकहे तथ्य
संत निरंकारी मिशन के अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह जी भारत समेत विश्व के 27 देशों के लोगों में धर्म और ज्ञान का प्रकाश प्रज्वलित कर रहे थे। इनका मानना था कि ईश्वर एक है और उसके द्वारा बनाए गए इंसानों में भी कोई भेदभाव नहीं है। निरंकारी मिशन की नींव बाबा बुटासिंह ने रखी थी। उन्होंने पाकिस्तान में वर्ष 1914 में निरंकारी का ज्ञान प्राप्त किया था। वर्तमान में निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज यह निरंकारी ज्ञान मानव कल्याण के लिए बांट रहे थे। उन्हें बाबा भोला के नाम से भी जाना जाता था। हाल ही में दिल्ली में उनका एक बड़ा कार्यक्रम होना था।
निरंकारी संप्रदाय के मीडिया इनचार्ज गुलशन राय ठकुराल ने बताया कि बाबा और उनके दो दामाद न्यूयार्क से कनाडा के मॉन्टियल जा रहे थे। उसी दौरान तेज रफ्तार के कारण कार पलट गई। हादसे के वक्त कार की रफ्तार 200 से 300 किमी थी। हादसे में हरदेव सिंह के अलावा उनके दामाद अवनीत की भी मौत हुई है। दूसरे दामाद सन्नी भी जख्मी, लेकिन खतरे से बाहर। सन्नी ही चला रहे थे कार। बाबा की फैमिली इस वक्त कनाडा में ही है।