प्राचीन कला केंद्र सेक्टर-35 की मासिक बैठक में चंडीगढ़ की शास्त्रीय गायिका व प्रोफेसर नीरा ग्रोवर ने प्रस्तुति दी।
उन्होंने शास्त्रीय गायन से शाम को सुरमई बना दिया। नीरा को बचपन से ही संगीत का शौक था और उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय पन्ना लाल मदान से संगीत की शिक्षा ग्रहण की।
संगीत की शिक्षा उन्होंने पद्म विभूषण स्व. खादिम हुसैन खान से ली, जो आगरा घराने के संगीतज्ञ थे। कार्यक्रम का आरंभ नीरा ने राग पूरीया से किया और अलाप के बाद बड़ा ख्याल में निबद्घ रचना ‘री छवि श्याम की मधुरी आली रे’ पर प्रस्तुति दी। इसके बाद नीरा ने छोटा ख्याल तीन ताल में निबद्घ रचना ‘मद से भरे तोरे नैना’ और इसके बाद रूपक ताल में रचना ‘जगत उदार दे किरतार’ प्रस्तुत करके खूब वाहवाही लूटी।
अंत में नीरा ने मिश्र राग में सुस्जित ज़जन ‘सुर चराचर छायो’ से दर्शकों का मन मोह लिया। इनके साथ मंच पर तबले में शहर के कलाकार डॉ. महेंन्द्र शर्मा और हारमोनियम पर नीरज गांधी ने साथ दिया। कार्यक्रम के अंत में केंद्र की रजिस्टार शोभा कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया।