निजामुद्दीन मरकज से मुक्तसर आए मुस्लिम भाईचारे के चौदह लोगों को स्थानीय जामा मस्जिद में ही आइसोलेट कर दिया गया है। ये सभी लोग मूलरूप से मेरठ के रहने वाले हैं और कर्फ्यू से पहले मुक्तसर आए थे। पुलिस ने इनके भोजन-पानी का इंतजाम किया है। साथ ही इन्हें मस्जिद के अंदर ही रहने की सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मुस्लिम भाईचारे के लोग बीते दिनों दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में हिस्सा लेकर मुक्तसर लौटे थे। धर्म प्रचार करने वाले ये लोग मूलरूप से मेरठ के हैं और 18 मार्च को मुक्तसर आए थे। मुस्लिम भाईचारे के सदस्य सैयद मोहम्मद नेता ने बताया कि उनके आने के बाद ही कर्फ्यू लग गया।
अब जब कोरोना का प्रभाव बढ़ा तो उन्होंने खुद ही सेहत विभाग को सूचना दी। उसके बाद से सेहत विभाग की टीम आई और सभी का चेकअप किया। हालांकि इनमें कोरोना के लक्षण सामने नहीं आए हैं। मगर फिर भी एहतियात के तौर पर प्रशासन के आदेश पर 14 दिन के लिए मस्जिद में ही रहने की हिदायत दी गई है।
दिल्ली जमात में हिस्सा लेकर लौटे तीन लोग होम क्वारंटीन
श्री आनंदपुर साहिब में निजामुद्दीन मरकज से लौटे तीन लोगों को सेहत विभाग की टीम ने होम क्वारंटीन किया है। विभाग के कर्मियों ने तीनों के घर जाकर उनके स्वास्थ्य की जांच की और उनके घरों के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिया। सेहत विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि यह तीनों व्यक्ति दिल्ली मरकज में शामिल हुए थे। वहां से 13 मार्च को वापस आए। हालांकि इनमें से किसी में कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए हैं फिर भी इन्हें क्वारंटीन कर दिया गया है। डीसी सोनाली गिरि ने इसकी पुष्टि की है।