लव जिहाद के नाम पर निकिता तोमर की हत्या करने के दोषी तौसीफ को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उसकी दो सप्ताह की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है। तौसीफ ने याचिका में बताया कि उसकी बहन का 9 मार्च को निकाह है। इस समारोह में शामिल होने के लिए उसे एक माह की जमानत दी जानी चाहिए।
याची ने कहा कि भाई होने के नाते उसकी मौजूदगी जरूरी है लेकिन उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा रहा है। सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि उसे जमानत न देते हुए निकाह के दिन हिरासत में पैरोल पर भेजा जाए। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर सरकार को यह भी आदेश दिया था कि वह इन तथ्यों की जांच करें कि क्या वाकई में तौसीफ की बहन का निकाह है।
मामला जब सुनवाई के लिए पहुंचा तो हरियाणा सरकार ने याची की बहन के निकाह की बात स्वीकार की हालांकि जमानत का विरोध किया। कोर्ट को बताया गया कि याची के परिवार के अन्य सदस्य बंदोबस्त के लिए मौजूद हैं। ऐसे में याची को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाला तौसीफ सजा को अपील के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दे चुका है। हाईकोर्ट उनकी सजा के खिलाफ अपील को एडमिट कर चुका है। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याची की मौजूदगी बहन के निकाह में जरूरी मानते हुए उसे दो सप्ताह की जमानत पर विवाह में शामिल होने की मंजूरी दे दी है।