निकिता तोमर के हत्यारे तौसिफ ने उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका को सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और जुर्माने की राशि की वसूली पर भी रोक लगा दी है। पिछले साल 21 साल की निकिता परीक्षा देकर लौट रही थी। इसी दौरान तौसिफ और रेहान उसके पीछे पड़ गए। निकिता पर धर्म परिवर्तन और शादी के लिए दबाव बनाने की भरसक कोशिश की गई, लेकिन निकिता ने इससे इनकार कर दिया। इसको तौसिफ बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने गोली मार दी।
फरीदाबाद की ट्रायल कोर्ट ने तौसिफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसी सजा के आदेश को अब तौसिफ ने एडवोकेट सरफराज हुसैन के माध्यम से अपील दाखिल करते हुए चुनौती दी है। मामला इस वजह से भी सुर्खियों में रहा क्योंकि तौसिफ विधायक का भतीजा है। याचिका में तौसिफ ने कहा कि इस हत्या से उसका कोई लेनादेना नहीं है और पुलिस जानबूझ कर उसे इस मामले में फंसा रही है।
इस मामले में जो शिकायतकर्ता है वह उस समय वहां मौजूद तक नहीं था, जहां पर निकिता की हत्या की गई थी। इस मामले में उसे दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने कई तथ्यों को नजरअंदाज किया है। साथ ही याची ने कहा कि वह लंबे समय से मृतका के साथ संपर्क में ही नहीं था।