फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़: राज्यसभा में प्रतिनिधित्व पर निगम सदन आज करेगा फैसला, मनीष तिवारी ने लोकसभा में उठाया था मामला

Mon, 28 Feb 2022 01:42 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

संविधान के अनुच्छेद 80 और चौथी अनुसूची में संशोधन के लिए प्रस्तावित विधेयक को गृह मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन के पास भेजा गया है। यूटी प्रशासन ने यह प्रस्ताव निगम को चर्चा के लिए भेजा है।
विज्ञापन
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का राज्यसभा सदस्य होना चाहिए या नहीं, इस पर सोमवार को नगर निगम सदन फैसला लेगा। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में यूटी प्रशासन से सुझाव मांगा था, जिसे प्रशासन नगर निगम के पास भेजा है। अब सदन की बैठक में जो भी फैसला होगा, उसे प्रशासन गृह मंत्रालय को भेजेगा। 

विज्ञापन

इस संबंध में पंजाब के श्री आनंदपुर साहिब से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में एक बिल पेश कर चंडीगढ़ से राज्यसभा सदस्य चुनने की मांग उठाई थी। केंद्र ने इस पर चंडीगढ़ से सुझाव भी मांगा, जिसे नगर निगम ने कानूनी सलाह के लिए भेज दिया। इसका कोई जवाब नहीं आया। उसके बाद मनीष तिवारी ने फिर से बिल के जरिए चंडीगढ़ से भी राज्यसभा सदस्य बनाने की मांग की। बिल में बताया गया है कि दिल्ली में जब विधानसभा नहीं थी तब पार्षद राज्यसभा सदस्य का चुनाव करते थे। 

मनीष तिवारी ने विधेयक में कहा है कि राज्यसभा के सदस्य का चुनाव चंडीगढ़ नगर निगम के निर्वाचित सदस्यों वाले निर्वाचक मंडल द्वारा किया जा सकता है। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली की ओर से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व किया जाता है, जबकि लद्दाख, चंडीगढ़, दादरा व नगर हवेली, दमन और दीव, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप का उच्च सदन में प्रतिनिधित्व नहीं है, इसलिए चंडीगढ़ की समस्याओं को उच्च स्तर पर पहुंचाने के लिए एक सदस्य होना चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

संविधान के अनुच्छेद 80 और चौथी अनुसूची में संशोधन के लिए प्रस्तावित विधेयक को गृह मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन के पास भेजा गया है। यूटी प्रशासन ने यह प्रस्ताव निगम को चर्चा के लिए भेजा है। सदन ने इस पर सहमति जताई तो आगे प्रक्रिया पर विचार होगा। 

तीन कमेटियों के लिए फिर आएगा प्रस्ताव 
सदन की बैठक में रोड कमेटी, पेयजल आपूर्ति व सीवर समस्या निस्तारण कमेटी और हाउस टैक्स असेसमेंट कमेटी के गठन का प्रस्ताव फिर से आ रहा है। वहीं शहर को कचरा मुक्त बनाने में फाइव स्टार रेटिंग के लिए आवेदन करने वाला प्रस्ताव भी दोबारा आ रहा है। यह प्रस्ताव सदन में पहले भी आया था लेकिन विपक्ष के हंगामे के बाद दोनों ही प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन पाई थी।

जानवरों के अस्पताल और कुत्तों के लिए एबीसी सेंटर का भी प्रस्ताव 
नगर निगम 3.79 करोड़ रुपये की लागत से रायपुरकलां की गोशाला में जानवरों के लिए अस्पताल बनाने का प्रस्ताव ला रहा है। वहीं रायपुरकलां में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से रायपुरकलां में ही एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाने का प्रस्ताव लाया जा रहा है। दोनों ही समस्याओं को लेकर पिछले सदन में विपक्ष ने मुद्दा उठाया था। इस पर सहमति बनी तो आवारा कुत्तों की समस्या से लोगों को निजात मिल सकेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें