भारत के खिलाफ आतंक को बढ़ावा देने के लिए देश के अंदर से ही कराते थे फंडिंग
एनआई ने एक फरवरी को डल्ला के हैंडलर मनप्रीत सिंह उर्फ पीटा और मनदीप सिंह के खिलाफ दायर की चार्जशीट में एक और बड़ा खुलासा किया है। भारत के खिलाफ आतंक को बढ़ावा देने के लिए ये दोनों देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं को टेरर सिंडिकेट से जोड़ रहे थे। ये दोनों बड़े-बड़े उद्योगपतियों, हवाला कारोबार में शामिल लोगे से अवैध वसूली कर केटीएफ और बीकेआई को फंडिंग करते थे। अब एनआईए ने रिमांड में हासिल किए इन इनपुट पर काम शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक 10 मुख्य आरोपी जो अब भी एनआईए के रिमांड पर हैं, उनसे लगातार केटीएफ और बीकेआई की अन्य गतिविधियों को लेकर पूछताछ जारी है।
मोगा का रहने वाला है अर्शदीप डल्ला
अर्श डल्ला मुख्य रूप से मोगा का रहने वाला है। अर्श डल्ला पहले गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल रहा और फिर आतंकी बन गया। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। डल्ला के खिलाफ पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में आतंकी गतिविधियां, मर्डर, एक्सटॉर्शन, किडनैपिंग सहित विभिन्न संगीन मामले दर्ज हैं। डल्ला के लिंक पाकिस्तानी तस्करों के साथ भी हैं। इसे लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों भी खुलासा कर चुकी हैं।