मामला पिछले साल 29 जून को सामने आया था। पाकिस्तान से आई नमक की खेप में 532 किलो हेरोइन व 52 किलोग्राम नशीले पदार्थ थे। इन्हें अमृतसर के अटारी इंटरनेशनल चेक पोस्ट पर पकड़ा था। इसके बाद अमृतसर के व्यापारी गुरपिंदर सिंह व जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा निवासी तारिक पर केस दर्ज किया गया था। जब यह मामला एनआईए को सौंपा गया था तो जांच में सामने आया कि यह अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर गिरोह है जो पाकिस्तान से चल रहा था। इसके तार अफगानिस्तान तक फैले हैं। वहीं, अब इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की गई है।
एनआईए के पास हैं अहम सुबूत
एनआईए की जांच में अब तक यह भी सामने आ चुका है कि यह गिरोह काफी खतरनाक था। इसने बार्डर से विभिन्न चीजों में छिपाकर नशीले पदार्थों को मंगवाने की प्रक्रिया शुरू की थी। एनआईए ने पंजाब के विभिन्न हिस्सों में दबिश दी थी, जिसमें काफी सामान कब्जे में लिया गया। इसमें बैंक अकाउंट डिटेल, इलेक्ट्रॉनिक एंड डिजिटल डिवाइस, असलहा और हवाला के जरिए हुए पैसे के आदान-प्रदान के सुबूत कब्जे में लिए गए थे।
हवाला मनी का हुआ इस्तेमाल
जांच में बात साफ हो चुकी है कि नार्को टेररिज्म के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश थी। इसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत विशेष तौर पर पंजाब, जम्मू और दिल्ली के लोगों की भूमिका सामने आई थी। इस सारे खेल को चलाने के लिए हवाला व अन्य चैनलों का प्रयोग किया गया है। पाकिस्तान से नमक के बहाने ही सारी खेप आती थी।