करनाला के बसताड़ा टोल प्लाजा पर हरियाणा पुलिस ने हथियारों का जखीरा बरामद किया था। गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, अमनदीप सिंह उर्फ दीपा, परमिंदर सिंह उर्फ पिंदर और भूपिंदर सिंह के पास से तीन आईईडी, एक पिस्तौल, दो मैगजीन, 31 राउंड कारतूस और 1.30 लाख रुपये मिले थे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पिछले साल हरियाणा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक उपकरण जब्त करने के मामले में बुधवार को प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के तीन सदस्यों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है।
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एनआईए के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि आकाश उर्फ आकाशदीप, सुखबीर सिंह उर्फ जशन और जरमलप्रीत के खिलाफ पंचकूला की एक विशेष अदालत में भारतीय दंड संहिता (IPC) के गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया गया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल 24 मई को हरियाणा पुलिस से मामले को अपने हाथ में लिया था और पिछले साल 31 अक्तूबर को आतंकी हरविंदर सिंह संधू उर्फ 'रिंदा' समेत छह आरोपियों के खिलाफ अपना पहला आरोपपत्र दायर किया था। प्रवक्ता ने कहा कि शुरू में मामला हरियाणा के करनाल जिले के मधुबन पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। रिंदा ही देश में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी का मास्टरमाइंड है।
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बसताड़ा टोल प्लाजा पर पकड़े थे हथियार
करनाला के बसताड़ा टोल प्लाजा पर हरियाणा पुलिस ने हथियारों का जखीरा बरामद किया था। गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, अमनदीप सिंह उर्फ दीपा, परमिंदर सिंह उर्फ पिंदर और भूपिंदर सिंह के पास से तीन आईईडी, एक पिस्तौल, दो मैगजीन, 31 राउंड कारतूस और 1.30 लाख रुपये मिले थे। रिंदा के निर्देश पर यह सभी हथियारों की खेप को तेलंगाना के आदिलाबाद पहुंचाने जा रहे थे।
रिंदा के संपर्क में थे तीनों
आरोपी एक कार से तेलंगाना जा रहे थे। इस कार को मोडिफाई किया गया था और इसमें एक कैविटी का निर्माण कर उसमें आईईडी, पिस्तौल और गोला-बारूद रखा था। मामले की जांच से पता चला है कि आकाश, सुखबीर और जरमलप्रीत आतंकवादी रिंदा के संपर्क में थे और बसताड़ा टोल प्लाजा पर गिरफ्तार आरोपियों के करीबी सहयोगी हैं। रिंदा ने ड्रोन से हथियारों की यह खेप पाकिस्तान से भारतीय सीमा में पहुंचाई थी। इसके बाद इन तीनों ने यह खेप सीमावर्ती इलाके से उठाई थी।