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पठानकोट हमले पर चार्जशीट दाखिल, कोर्ट ने कहा बताओ अब तक क्या किया

Mon, 19 Dec 2016 09:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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पाक जांच टीम पठानकोट में - फोटो : amar ujala
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पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के मामले में दाखिल चार्जशीट में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर समेत चार लोगों को आरोपी बनाया है।
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एनआईए ने सोमवार को मोहाली स्थित विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसमें अजहर के अलावा उसके भाई व जैश के डिप्टी चीफ अब्दुल रऊफ असगर, शाहिद लतीफ व कासिफ जान के नाम शामिल हैं।

सभी आरोपी पाकिस्तान के नागरिक हैं। जनवरी में हुए इस भीषण आतंकी हमले में सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे और 37 अन्य घायल हुए थे। आरोपपत्र में सभी चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र कानून तथा गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। 
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शाहिद लतीफ और कासिफ जान को भी आरोपी बनाया गया

पाक जांच टीम पठानकोट में - फोटो : amar ujala
एनआईए ने बताया कि मसूद अजहर, उसके भाई अब्दुल रऊफ और लतीफ के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन कासिफ जान के खिलाफ यह लंबित है।

अदालत में एनआईए की तरफ से दलील दी गई कि पाकिस्तान में बैठे चार आरोपियों से हमले में मारे गए आतंकियों का संबंध था। वह उनसे फोन पर संपर्क में थे। उनके निर्देश पर ही वह सारी कार्रवाई कर रहे थे। 

जांच एजेंसी के पास इसके डिजिटल, टेक्निकल, ओरल व डाक्यूमेंट्री रिकॉर्ड हैं जो कि जांच के दौरान मिले हैं। इसके अलावा उनके पास कई अन्य तथ्य हैं जिससे उनके हमले में शामिल होने की पुष्टि होती है।

वहीं, एनआईए ने कहा कि हमले में मारे गए आतंकी नासिर हुसैन, हाफिज अबू बकर, उमर फारूक व अब्दुल कयूम सभी मसूद अजहर व अब्दुल रऊफ से प्रभावित थे। मसूद अजहर ने इन आतंकियों को पठानकोट एयरबेस पर हमले के लिए निर्देशित किया था। इस दौरान उन्होंने निर्दोष लोगों को मारा व घायल किया। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। 

एफबीआई अधिकारियों को बनाया गवाह

पठानकोट हमला - फोटो : Reuters
फॉरेंसिक रिपोर्ट और कॉल डाटा विश्लेषण व क्त्रसइम सीन से साबित होता है कि आरोपी जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखते हैं। मामले की अगली सुनवाई नौ जनवरी को होगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस आरोपपत्र को भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद रोधी कानून के तहत अजहर पर प्रतिबंधों के वास्ते अपने मामले की पैरवी के लिए इस्तेमाल किए जाने की संभावना है। अजहर को 1999 में इंडियन एयरलाइंस के अपहृत विमान आईसी-814 के बदले में रिहा कर दिया गया था।

चार्जशीट से साफ, हमलावर सिर्फ चार आतंकी थे
चार्जशीट से हमले में शामिल आतंकवादियों की संख्या के बारे में कयासों पर भी अब विराम लगेगा क्योंकि एजेंसी ने केवल चार आतंकवादियों का ब्योरा दिया है। इनकी संख्या को लेकर भ्रम था क्योंकि रक्षामंत्री मनोहर परिकर तथा गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवादियों की संख्या छह बताई थी।

एयरबेस की सुरक्षा पर सवाल
आरोपपत्र में पठानकोट स्थित सामरिक महत्व वाले वायुसेना स्टेशन में सुरक्षा में खामी के भी संकेत दिए गए हैं। इसमें कहा गया कि चार आतंकवादियों नासिर हुसैन, हाफिज अबू बकर, उमर फारूक और अब्दुल कयूम ने 1 जनवरी को सुबह 8ऱ्40 मिनट पर वायुसेना परिसर में प्रवेश किया और एक नाले तथा पास में स्थित सैन्य इंजीनियरिंग सेवा के शेड में छिपे रहे। आतंकवादियों ने 19 घंटे बाद अगले दिन दो जनवरी को तड़के 3.20 बजे हमला कर दिया।

एफबीआई अधिकारियों को बनाया गवाह
चार्जशीट में अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई और अमेरिकी कानून मंत्रालय के अधिकारियों के नाम गवाहों के तौर पर शामिल किए गए हैं। इसके अलावा जेल में बंद आतंकियों को भी गवाह बनाया गया है। 
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बताओ केस में अब तक क्या किया

पठानकोट हमला - फोटो : अमर उजाला
इसमें पाकिस्तान के सियालकोट जिले के घलोटियांकलां का रहने वाला मोहम्मद सदीक उर्फ मुविया, पीओके के पुंछ जिले के पोलस गांव का अब्दुल रहमान मुगल का नाम शामिल है।

इन दोनों गवाहों ने जैश के कई आतंकियों की आवाज पहचानने में मदद की। इसके अलावा इसमें एफबीआई के एक स्पेशल एजेंट और अमेरिकी कानून मंत्रालय के एक अधिकारी का नाम भी है।

बताओ केस में अब तक क्या किया
 पठानकोट हमले की चार्जशीट फाइल करने पहुंची एनआईए की टीम ने अदालत को बताया कि तीन आरोपियों जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, उसके भाई अब्दुल रउफ और शाहिद लतीफ के लिए रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल की ओर से जारी कर दिए गए हैं।

ऐसे में यह किसी भी देश में जाएंगे तो इनको पकड़ लिया जाएगा। इंटरपोल की वेबसाइट पर सबका ब्योरा है। इस पर अदालत ने कहा कि वेबसाइट पर नाम डालने से आरोपी खुद पकड़ में नहीं आ आएंगे। 

उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास करने होंगे। एनआईए ने कहा कि उनकी तरफ से कोशिश की जा रही है। इस पर अदालत ने मामले में अब तक की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई पर पेश करने के लिए कहा। केस की अगली सुनवाई नौ जनवरी को होगी। 
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