एनआईए के पास है अहम सुबूत
एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह काफी खतरनाक था। इसने बार्डर से विभिन्न चीजों में छिपाकर नशीले पदार्थों को मंगवाने की प्रक्रिया शुरू की थी। एनआईए ने पंजाब के विभिन्न हिस्सों में दबिश दी थी जिसमें काफी सामान कब्जे में लिया गया। इसमें बैंक अकाउंट डिटेल, इलेक्ट्रॉनिक एंड डिजिटल डिवाइस, असलहा और हवाला के जरिए हुए पैसे के आदान-प्रदान के सुबूत कब्जे में लिए गए थे।
हवाला के पैसे का हुआ इस्तेमाल
जांच में बात साफ हो चुकी है कि नार्को टेररिज्म के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश थी। इसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत विशेष तौर पर पंजाब, जम्मू और दिल्ली के लोगों की भूमिका सामने आई थी। इस सारे खेल को चलाने के लिए हवाला व अन्य चैनलों का प्रयोग किया गया है। पाकिस्तान से नमक के बहाने ही सारी खेप आती थी।