राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक विशेष अदालत ने प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी कुलविंदरजीत सिंह खानपुरिया समेत कुल चार आरोपियों को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आपराधिक साजिश रचने और गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं में दोषी करार दिया है। इस मामले में एनआईए की विशेष कोर्ट आज चारों को सजा सुनाएगी।
विशेष एनआईए न्यायाधीश राकेश कुमार गुप्ता की अदालत में बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। इसमें दोषी खानपुरिया, उसके साथी जगदेव सिंह, रविंदरपाल सिंह मेहना और हरचरन सिंह दिल्ली को वीरवार को सजा सुनाई जाएगी। कुलविंदरजीत सिंह खानपुरिया को उनके वकील जसपाल सिंह मंझपुर के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया था। वहीं, दोषी कुलविंदरजीत सिंह खानपुरिया पर 2019 में एनआईए की ओर से मामला दर्ज किया गया था। उसको भारतीय अधिकारियों ने 21 नवंबर, 2022 को बैंकॉक से आकर दिल्ली में उतरने के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने तय किए यह आरोप
कुलविंदरजीत सिंह खानपुरिया पर यूएपीए की धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। बुधवार को सुनवाई में अदालत ने खानपुरिया पर धारा 121 देश द्रोह (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, या युद्ध छेड़ने का प्रयास करने या युद्ध के लिए उकसाने), 121-ए (दंडनीय अपराध करने की साजिश), 122 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इरादे से हथियार इकट्ठा करने), 123 (युद्ध छेड़ने की योजना को सुविधाजनक बनाने के इरादे से छिपाने), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), धारा 3 और 25 आर्म्स और यूएपीए की धारा 17, 18, 18-बी, 38 और 39 के तहत दोषी ठहराया है।
कनॉट प्लेस बम विस्फोट में था शामिल
गिरफ्तार आतंकवादी खानपुरिया पंजाब में लक्षित हत्याओं को अंजाम देने की साजिश सहित कई आतंकवादी मामलों में शामिल और वांछित था। वह नब्बे के दशक में कनॉट प्लेस नई दिल्ली में एक बम विस्फोट मामले और अन्य राज्यों में ग्रेनेड हमलों में भी शामिल था। जांच में पता चला है कि डेरा सच्चा सौदा से जुड़े प्रतिष्ठानों और पंजाब में पुलिस और सुरक्षा से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर भारत में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने की साजिश के पीछे खानपुरिया मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड था। इसके अलावा एनआईए ने कहा कि खानपुरिया पंजाब और पूरे देश में आतंक पैदा करने के समग्र उद्देश्य से भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड, चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों को भी निशाना बना रहा था।
आतंकी खानपुरिया के खिलाफ मामला 30 मई, 2019 को पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल अमृतसर में दर्ज किया गया था। 27 जून 2019 को एनआईए ने केस अपने हाथ में ले लिया था। एनआईए ने इसमें नई एफआईआर दर्ज की थीं।
खानपुरिया को एनआईए की विशेष अदालत द्वारा अपराधी (पीओ) घोषित किया गया था। जिसके बाद लुकआउट सर्कुलर (एलओसीयू) जारी किया गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। उसे 21 नवंबर, 2019 को भगोड़ा घोषित किया गया था।