छह साल में जुटाई संपत्ति का होता है आंकलन
एजेंसियां गैंगस्टरों की गिरफ्तारी से छह साल पहले तक बनाई गई प्रॉपर्टी का आकलन करती है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाती है कि उसके परिजन व रिश्तेदारों के नाम कितनी संपत्ति है।
नशा तस्करी और आतंकी वारदात में भी शामिल है
पंजाब के कई गैंगस्टर व आतंकी टारगेट कीलिंग, नशा तस्करी और आतंकी वारदात में शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई, गौरव पटियाल, जग्गू भगवानपुरिया, सुखप्रीत बुड्ढा, दिलप्रीत सिंह बाबा, अर्शदीप सिंह ढल्ला, संपत्त नेहरा, लखबीर सिंह लंडा, हरविंदर सिंह रिंदा व अन्य शामिल है। एनआईए ने 23 सितंबर 2019 को तरनतारन बम धमाके के जिम्मेदार खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सदस्यों की भी प्रॉपर्टी की जानकारी मांगी है। फरवरी 2020 पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। सूची में एसएफजे के सदस्यों के नाम भी शामिल हैं।